भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने मैदान पर वापसी के बाद अपने प्रदर्शन से एक बार फिर सबका ध्यान खींचा है। टीम इंडिया से बाहर होने के बाद किशन ने जिस तरह खुद को तैयार किया, उसका असर अब उनकी बल्लेबाजी में साफ दिखाई दे रहा है। वापसी के बाद उनके शॉट्स, आत्मविश्वास और बल्लेबाजी का अंदाज पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी नजर आ रहा है।
टीम से बाहर होने के बाद क्या बदला?
ईशान किशन के लिए पिछला कुछ समय उतार-चढ़ाव भरा रहा। टीम इंडिया से बाहर होने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद को दोबारा साबित करने की थी। हालांकि, उनके खेल में किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं थी।
उनके साथ जुड़े लोगों का मानना रहा है कि किशन के अंदर शुरुआत से ही एक एलीट स्तर के क्रिकेटर वाली सोच मौजूद थी। उन्हें अपनी बल्लेबाजी में बड़े बदलाव करने के बजाय कुछ छोटी-छोटी चीजों पर काम करने की जरूरत थी।
इन्हीं छोटे सुधारों ने उनके खेल को और निखारने में मदद की। अब वापसी के बाद वह पहले से ज्यादा सहज और आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं।
पिछले तीन साल में ईशान ने क्या किया?
पिछले तीन वर्षों में ईशान किशन का सफर आसान नहीं रहा। टीम से बाहर रहने के दौरान उन्होंने घरेलू क्रिकेट और अन्य मुकाबलों में खुद को साबित करने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने अपनी फिटनेस, बल्लेबाजी और मानसिक तैयारी पर ध्यान दिया।
ईशान की बल्लेबाजी की खासियत हमेशा से उनकी आक्रामक शैली रही है। वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता रखते हैं। अब उनके खेल में आक्रामकता के साथ-साथ परिस्थितियों को समझकर बल्लेबाजी करने की क्षमता भी बेहतर नजर आ रही है।
कमबैक के बाद दिख रहा है नया आत्मविश्वास
वापसी के बाद ईशान किशन की बल्लेबाजी में सबसे बड़ा बदलाव उनका आत्मविश्वास माना जा रहा है। वह गेंद को पढ़कर शॉट खेलने के साथ-साथ अपनी पारी को आगे बढ़ाने पर भी ध्यान दे रहे हैं।
उनकी तकनीक में कोई क्रांतिकारी बदलाव नहीं हुआ है, बल्कि छोटे सुधारों ने उनके प्रदर्शन को ज्यादा प्रभावी बनाया है। यही वजह है कि अब उनकी बल्लेबाजी पहले की तुलना में अधिक नियंत्रित और खतरनाक दिखाई दे रही है।
क्या फिर बन सकते हैं टीम इंडिया के नियमित खिलाड़ी?
ईशान किशन का मौजूदा प्रदर्शन उन्हें भारतीय टीम में दोबारा मजबूत दावेदार बना रहा है। अगर वह इसी निरंतरता के साथ रन बनाते रहे तो चयनकर्ताओं के सामने उन्हें नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
उनका कमबैक इस बात का उदाहरण भी है कि किसी खिलाड़ी को थोड़े समय के लिए टीम से बाहर होने के बाद अपने खेल पर काम करने का मौका मिले, तो वह और मजबूत होकर लौट सकता है। ईशान अब उसी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।
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