Why Cricket Grounds Have Different Shapes: क्रिकेट देखते समय आपने गौर किया होगा कि हर स्टेडियम का मैदान एक जैसा नहीं होता। किसी मैदान की बाउंड्री गोल या अंडाकार नजर आती है, तो किसी मैदान की बाउंड्री एक तरफ छोटी और दूसरी तरफ काफी बड़ी होती है। कुछ मैदानों में बाउंड्री सीधी और कहीं घुमावदार भी दिखाई देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब क्रिकेट के नियम और पिच का आकार तय है, तो मैदान की सीमा एक जैसी क्यों नहीं होती?
पिच का आकार तय, लेकिन मैदान की बाउंड्री नहीं
क्रिकेट में पिच के माप को लेकर स्पष्ट नियम हैं। क्रिकेट पिच की लंबाई 22 गज यानी 20.12 मीटर होती है। पिच की चौड़ाई भी निर्धारित होती है। लेकिन इसके आसपास फैले पूरे खेल मैदान के आकार और बाउंड्री की दूरी के लिए कोई एक निश्चित आकृति तय नहीं है।
यही कारण है कि अलग-अलग स्टेडियम में बाउंड्री अलग-अलग दूरी पर देखने को मिलती है। हालांकि, मैदान की सीमाओं को लेकर क्रिकेट के नियमों में न्यूनतम और अधिकतम दूरी से जुड़े प्रावधान होते हैं।
जमीन की बनावट भी बड़ी वजह
कई क्रिकेट स्टेडियम ऐसी जगह बनाए गए हैं जहां पहले से जमीन का आकार निश्चित था। स्टेडियम बनाते समय उपलब्ध जमीन के अनुसार मैदान तैयार करना पड़ता है। यदि जमीन पूरी तरह चौकोर या गोल नहीं है, तो मैदान की बाउंड्री भी उसी के अनुसार अलग आकार ले सकती है।
इसके अलावा पुराने स्टेडियमों में पहले से मौजूद संरचनाएं, दर्शक दीर्घाएं और आसपास की सड़कें भी मैदान के डिजाइन को प्रभावित करती हैं।
दूसरे खेलों के लिए भी इस्तेमाल होता है मैदान
कई स्टेडियमों में क्रिकेट के अलावा दूसरे खेल या गतिविधियां भी आयोजित होती हैं। कुछ मैदानों का डिजाइन ऐसा रखा जाता है कि वहां अलग-अलग खेलों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहे। इसी वजह से क्रिकेट की बाउंड्री हर दिशा में समान दूरी पर होना जरूरी नहीं होता।
सुरक्षा और दर्शकों की सुविधा भी जरूरी
मैदान बनाते समय खिलाड़ियों की सुरक्षा और दर्शकों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाता है। बाउंड्री के बाहर पर्याप्त जगह, विज्ञापन बोर्ड, कैमरा क्षेत्र और दर्शकों की बैठने की व्यवस्था जैसी चीजें भी मैदान की सीमा को प्रभावित कर सकती हैं।
अलग मैदान, अलग रणनीति
मैदान के आकार और बाउंड्री की दूरी का सीधा असर मैच की रणनीति पर पड़ता है। अगर किसी मैदान पर स्क्वायर बाउंड्री छोटी है, तो बल्लेबाज उस दिशा में ज्यादा शॉट खेलने की कोशिश कर सकते हैं। वहीं लंबी बाउंड्री वाले मैदान पर बड़े शॉट के लिए ज्यादा ताकत की जरूरत पड़ती है।
गेंदबाज भी मैदान के आकार को ध्यान में रखकर अपनी लाइन और लेंथ तय करते हैं। इस तरह हर मैदान अपनी अलग चुनौती पेश करता है और यही क्रिकेट को और रोमांचक बनाता है।
इसलिए हर मैदान दिखता है अलग
कुल मिलाकर क्रिकेट पिच के माप तय होने के बावजूद पूरे मैदान का आकार एक जैसा होना जरूरी नहीं है। जमीन की उपलब्धता, स्टेडियम का इतिहास, निर्माण की परिस्थितियां, दूसरे खेलों की जरूरत, सुरक्षा और बाउंड्री की दूरी जैसे कई कारण मिलकर मैदान का स्वरूप तय करते हैं। यही वजह है कि दुनिया के अलग-अलग क्रिकेट मैदानों की अपनी खासियत और अपनी रणनीतिक चुनौती होती है।
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