प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत की ओर से किए जा रहे प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता से रखा। पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए लगातार ठोस कदम उठा रहा है। उन्होंने देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने से लेकर परिवहन क्षेत्र में हरित तकनीक के इस्तेमाल तक कई पहलों का उल्लेख किया।
पीएम मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटना केवल किसी एक देश की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए वैश्विक स्तर पर सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। भारत अपनी विकास यात्रा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास को भी प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की जलवायु संबंधी पहलें देश की जरूरतों के साथ-साथ वैश्विक पर्यावरणीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जा रही हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत के प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन कई विकसित देशों की तुलना में कम है। इसके साथ ही देश में नवीकरणीय ऊर्जा, विशेष रूप से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है। सरकार की ओर से सौर ऊर्जा को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए शुरू की गई पीएम सूर्य घर योजना का भी उन्होंने उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने को बढ़ावा देने वाली योजनाओं से स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल रहा है। इससे बिजली की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है।
पीएम मोदी ने परिवहन क्षेत्र में हरित तकनीक की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का उदाहरण देते हुए हाइड्रोजन ट्रेन का भी जिक्र किया। हाइड्रोजन आधारित परिवहन को भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता में हुई बढ़ोतरी को भी रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पर्यावरण संरक्षण को विकास के रास्ते में बाधा के रूप में नहीं, बल्कि टिकाऊ और समावेशी विकास के अवसर के रूप में देखता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए सहयोग, नवाचार और स्वच्छ तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
भारत की इन पहलों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश अपने अनुभवों और तकनीकी क्षमताओं के माध्यम से दुनिया को टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है।

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