हिंदी हमारी भावनाओं, संस्कृति और अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम : डॉ. अर्क वर्मा


 कानपुर। हिंदी हमारी भावनाओं, संस्कृति और अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। यह विचार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर की भाषा एवं संज्ञान प्रयोगशाला के प्रमुख प्रो. डॉ. अर्क वर्मा ने विद्यार्थिओं को संबोधित करते हुए कहे। डॉ वर्मा सोमवार को जागरण कॉलेज परिसर में हिन्दी दिवस के अवसर पर आयोजित


 कार्यक्रम में मौजूद थे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद प्रख्यात साहित्यकार एवं लेखिका तथा उत्तर प्रदेश सरकार के भाषा आयोग की कार्यसमिति की अध्यक्षा डॉ. आभा द्विवेदी ने विद्यार्थियों से हिन्दी भाषा के गौरवशाली इतिहास को जानने और समझने का आवाहन किया। 


कार्यक्रम के दौरान हिन्दी भाषा के महत्व, उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वर्तमान समय में उसकी उपयोगिता को रेखांकित करते हुए वक्ताओं ने अपने विचार प्रकट किए। 


कार्यक्रम में जागरण एजुकेशन फाउंडेशन के सीईओ डॉ. जे. एन. गुप्ता, जागरण कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स की प्रधानाचार्य डॉ. अस्मिता दुबे, जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल एनीमेशन के निदेशक श्री अमरदीप तथा जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन के निदेशक डॉ. उपेंद्र, असिस्टेंट प्रोफेसर श्री धीरज


 शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ संजय चंदानी, असिस्टेंट प्रोफेसर सुश्री आकृति अवस्थी, असिस्टेंट प्रोफेसर श्री दीपक नेगी, श्री अखिलेश मिश्र, सुश्री भव्या खन्ना सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद मुख्य अतिथि डॉ. अर्क वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हिंदी भाषा, भाषा एवं संज्ञान के क्षेत्र तथा हिंदी के अध्ययन और प्रयोग के महत्व


 पर अपने विचार साझा किए। वे आईआईटी कानपुर में भाषा एवं संज्ञान प्रयोगशाला के प्रमुख होने के साथ हिंदी से जुड़े कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


विशिष्ट अतिथि डॉ. आभा द्विवेदी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिन्दी ही एकमात्र भाषा है जो अपने अंदर भावनाओं को समेटे हुए है। 

उन्होंने विद्यार्थियों से आवाहन किया कि सभी को हिन्दी के गौरवशाली इतिहास को जानना और पढ़ना होगा। मेरा विश्वास है कि अगर विद्यार्थी ऐसा करेंगे तो उन्हें अपनी हिन्दी भाषा पर गर्व होगा। उन्होंने हिन्दी भाषा के संघर्ष के बारे में भी विद्यार्थियों को बताया। डॉ. आभा द्विवेदी ने हिंदी भाषा के महत्व और इसके संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम संयोजक असिस्टेंट प्रोफेसर श्री राम जी बाजपई ने कहा कि हिन्दी हमारे लिए सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना की पहचान है। हिन्दी दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों को हिन्दी भाषा से जोड़ने और उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने की एक सार्थक पहल है। 


हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने कविता पाठ सहित अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता के माध्यम से हिंदी के प्रति अपनी रुचि एवं


 प्रेम का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि डॉ. अर्क वर्मा और विशिष्ट अतिथि डॉ. आभा द्विवेदी का स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। आयोजन के अंत में डॉ. संजय चंदानी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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