किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अनौपचारिक बातचीत चर्चा का विषय बनी। सम्मेलन में शामिल सभी देशों के नेताओं ने पहले सामूहिक तस्वीर के लिए एक साथ पोज दिया। इसी दौरान भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी भी लोगों का ध्यान खींचती रही।
सामूहिक तस्वीर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच कुछ देर तक बातचीत हुई। दोनों नेताओं को आपस में चर्चा करते देखकर वहां मौजूद अन्य नेताओं की नजर भी उन पर रही। इस दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी आसपास मौजूद थे, लेकिन उन्हें मोदी और जिनपिंग की बातचीत में शामिल होते नहीं देखा गया।
मोदी से बात करने की कोशिश या इंतजार?
सम्मेलन के दौरान शहबाज शरीफ की गतिविधियों को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई तरह की चर्चाएं हुईं। तस्वीरों और वीडियो में वे अलग-अलग नेताओं के साथ बातचीत करते नजर आए। भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक तनाव के बीच मोदी और शरीफ की संभावित बातचीत को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बनी हुई थी।
हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी और शहबाज शरीफ के बीच किसी औपचारिक द्विपक्षीय बैठक या विस्तृत बातचीत की जानकारी सामने नहीं आई। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच किसी बातचीत को लेकर किए जा रहे दावों को तस्वीरों या वीडियो के आधार पर ही देखना उचित होगा।
पुतिन और जिनपिंग के साथ दिखे शरीफ
सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई प्रमुख नेता मौजूद थे। शहबाज शरीफ ने भी सम्मेलन के दौरान विभिन्न नेताओं से मुलाकात और बातचीत की। उनकी कुछ तस्वीरें पुतिन और अन्य नेताओं के साथ भी सामने आईं।
यह पूरा घटनाक्रम इसलिए चर्चा में रहा क्योंकि SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर भारत, चीन, रूस और पाकिस्तान के शीर्ष नेता एक ही स्थान पर मौजूद थे। ऐसे में नेताओं की अनौपचारिक बातचीत, मुलाकात और बैठने की व्यवस्था भी राजनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव के बीच किसी भी संभावित मुलाकात या बातचीत को लेकर अटकलें लगना स्वाभाविक है। हालांकि, केवल तस्वीरों के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि किसी नेता ने जानबूझकर दूसरे नेता को नजरअंदाज किया या किसी से बातचीत के लिए उतावला था।
SCO सम्मेलन में क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ शीर्ष नेताओं की आपसी मुलाकातें भी सुर्खियों में रहीं। यही वजह है कि मोदी, जिनपिंग, पुतिन और शहबाज शरीफ से जुड़ी तस्वीरों और वीडियो ने काफी ध्यान आकर्षित किया।
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