सामान्य सी खांसी समझी गई बीमारी निकली गंभीर हृदय रोग, 3 साल की बच्ची को नहीं बचा पाए डॉक्टर


 Child Heart Disease: बच्चों में लगातार खांसी और सांस फूलने को अक्सर मौसम बदलने, वायरल संक्रमण या अस्थमा जैसी सामान्य समस्याओं से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन कुछ मामलों में ऐसे लक्षण किसी गंभीर हृदय संबंधी बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं। ब्रिटेन की 3 साल की बच्ची पेनी शेरवुड के मामले में भी शुरुआत में लगातार खांसी को सामान्य बीमारी समझा गया, लेकिन बाद में जांच में उसके दिल से जुड़ी गंभीर समस्या सामने आई।

कई बार डॉक्टर के पास ले गए माता-पिता

रिपोर्ट के मुताबिक, पेनी को लगातार खांसी हो रही थी। परिवार उसे कई बार डॉक्टर के पास लेकर गया। शुरुआत में उसके लक्षणों को बच्चों में होने वाली सामान्य बीमारी और अस्थमा से जोड़कर देखा गया। लेकिन समय के साथ उसकी हालत बिगड़ती गई।

बाद में एक स्कूल कार्यक्रम के दौरान बच्ची को दौरे पड़े और उसे अस्पताल ले जाया गया। जांच में पता चला कि उसका दिल बढ़ा हुआ था और उसकी धड़कन भी असामान्य तरीके से चल रही थी।

जांच में सामने आई डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी

अस्पताल में आगे की जांच के बाद बच्ची में डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी (Dilated Cardiomyopathy) का पता चला। इस स्थिति में हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं और दिल के लिए शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पर्याप्त मात्रा में रक्त पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।

बच्चों में हृदय की पंपिंग क्षमता कम होने पर सांस फूलना, जल्दी थक जाना, खांसी, भूख कम लगना और दिल की धड़कन में अनियमितता जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

कम रक्त प्रवाह से दूसरे अंग भी हुए प्रभावित

रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसे लाइफ सपोर्ट पर रखा गया और हृदय की सर्जरी भी की गई। हालांकि, बाद में उसके शरीर के कुछ हिस्सों में रक्त प्रवाह बेहद कम हो गया। जांच में मस्तिष्क और आंत के कुछ हिस्सों को गंभीर नुकसान पहुंचने की बात सामने आई। आखिरकार 6 जुलाई को बच्ची की मौत हो गई।

बच्चों में इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

विशेषज्ञ स्रोतों के अनुसार बच्चों में लगातार खांसी के साथ सांस फूलना, जल्दी थकना, वजन या विकास में कमी, पैरों या पेट में सूजन, त्वचा या होंठों का नीला पड़ना और असामान्य धड़कन जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

हर खांसी हृदय रोग का संकेत नहीं होती, लेकिन अगर लक्षण लगातार बने रहें या बच्चे की हालत बिगड़ती दिखाई दे तो केवल सामान्य सर्दी-खांसी मानकर इंतजार नहीं करना चाहिए। समय पर जांच से गंभीर बीमारियों की पहचान और उपचार में मदद मिल सकती है।

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