भारत की बात मजबूती से रखकर बिश्केक से रवाना हुए पीएम मोदी, 26वें SCO शिखर सम्मेलन में लिया हिस्सा


 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा और विकास से जुड़े मुद्दों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा। बैठक में SCO के सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया और विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत और चीन के संबंधों को लेकर भी खास नजर रही। सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का हाथ मिलाकर अभिवादन किया। दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो भी चर्चा में रहे।

शी जिनपिंग से मुलाकात रही खास

SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात को महत्वपूर्ण माना गया। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाकर अभिवादन किया और कुछ देर बातचीत भी की। भारत और चीन के बीच सीमा समेत कई मुद्दों पर मतभेद रहे हैं, ऐसे में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की आमने-सामने मुलाकात पर सभी की नजरें टिकी रहीं।

सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा। उन्होंने आतंकवाद, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर भारत के रुख को मजबूती से रखा।

दुनिया को दिया भारत की प्राथमिकताओं का संदेश

SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन भारत के लिए महत्वपूर्ण रहा। भारत लगातार आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई और क्षेत्रीय स्थिरता की आवश्यकता पर जोर देता रहा है। ऐसे में सम्मेलन के दौरान भी भारत की प्राथमिकताओं को प्रमुखता से रखा गया।

प्रधानमंत्री ने सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और साझा चुनौतियों का मिलकर सामना करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति और विकास के लिए सभी देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग जरूरी है।

बिश्केक से रवाना हुए पीएम मोदी

SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने और विभिन्न नेताओं के साथ मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिश्केक से रवाना हो गए। उनकी यात्रा के दौरान हुई द्विपक्षीय मुलाकातों और सम्मेलन में दिए गए संदेश को भारत की कूटनीतिक सक्रियता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पीएम मोदी की इस यात्रा में भारत ने क्षेत्रीय सहयोग के साथ-साथ सुरक्षा और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट किया। वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई मुलाकात ने भी इस दौरे को खास बना दिया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ