एशियाड: ईशा सिंह ने 25 मीटर पिस्टल में जीता रजत, पांच टाईब्रेकर के बाद मिला पदक


 एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और पदक के लिए ईशा को कई टाईब्रेकर से गुजरना पड़ा। उन्होंने दबाव के बीच लगातार बेहतर प्रदर्शन किया और आखिरकार भारत के खाते में एक और पदक जोड़ दिया।

महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में पदक के लिए मुकाबला काफी कड़ा रहा। ईशा सिंह और किम ह्योन सुक के बीच कांस्य और रजत पदक के लिए तीन शूट-ऑफ हुए। दोनों निशानेबाजों के बीच हर चरण में कड़ी टक्कर देखने को मिली। ईशा ने धैर्य बनाए रखते हुए निर्णायक क्षणों में सटीक निशाना लगाया और तीनों शूट-ऑफ के बाद किम ह्योन सुक को पीछे छोड़ दिया।

इसके बाद ईशा सिंह के सामने स्वर्ण पदक जीतने की चुनौती थी। गोल्ड के लिए उनका मुकाबला जियारुइक्सुआन जियाओ से हुआ। यहां भी दोनों खिलाड़ियों के बीच अंतर बेहद कम रहा और मुकाबला शूट-ऑफ तक पहुंच गया। ईशा ने स्वर्ण पदक के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन निर्णायक मुकाबले में जियारुइक्सुआन जियाओ बढ़त बनाने में सफल रहीं।

इस तरह ईशा सिंह को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। हालांकि, उनके प्रदर्शन की खास बात यह रही कि उन्होंने एक ही स्पर्धा में कुल पांच टाईब्रेकर खेले। लगातार शूट-ऑफ के दबाव के बावजूद उन्होंने अपना संयम नहीं खोया और पदक तक पहुंचने के लिए आखिरी शॉट तक मुकाबला किया।

ईशा की यह उपलब्धि भारतीय निशानेबाजी के लिए भी महत्वपूर्ण रही। 25 मीटर पिस्टल जैसी तकनीकी और दबाव वाली स्पर्धा में छोटी सी चूक भी पदक की स्थिति बदल सकती है। ऐसे में लगातार पांच टाईब्रेकर में मुकाबला करना उनके प्रदर्शन की कठिनाई को दर्शाता है।

रजत पदक जीतने के साथ ईशा सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में भारत की पदक तालिका में एक और इजाफा किया। शूटिंग में भारतीय खिलाड़ियों से पहले भी मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद रही है और ईशा का यह पदक उसी अभियान को आगे बढ़ाता है। मुकाबले में स्वर्ण से चूकने के बावजूद ईशा ने संघर्ष और धैर्य का शानदार उदाहरण पेश किया।

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