एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। तीरंदाजी में भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। ज्योति सुरेखा, पृथिका प्रदीप और चिकिथा तनिपर्थी की तिकड़ी ने फाइनल में चीन को 238-234 के स्कोर से हराकर भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता।
फाइनल मुकाबले में भारतीय तीरंदाजों ने शुरुआत से ही शानदार लय बनाए रखी। टीम ने कुल 24 शॉट में से 22 बार परफेक्ट 10 का निशाना लगाया। भारतीय टीम का कुल स्कोर 238 रहा, जो विश्व रिकॉर्ड के बराबर है। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने एशियन गेम्स 2026 में अपना सातवां स्वर्ण पदक हासिल किया।
चीन के खिलाफ दिखाया दबदबा
फाइनल में भारत और चीन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। भारतीय तिकड़ी ने लगातार सटीक निशाने लगाकर बढ़त बनाए रखी। चीन की टीम ने 234 अंक हासिल किए, जबकि भारत ने 238 अंक के साथ मुकाबला अपने नाम किया। भारतीय खिलाड़ियों की सटीकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 24 में से 22 शॉट सीधे 10 अंक वाले निशाने पर लगे।
ज्योति सुरेखा वेन्नम भारतीय तीरंदाजी की अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनके साथ पृथिका प्रदीप और चिकिथा तनिपर्थी ने भी दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया। तीनों खिलाड़ियों के सामूहिक प्रदर्शन ने भारत को फाइनल में जीत दिलाई।
विश्व रिकॉर्ड की बराबरी
भारत का 238 अंक का स्कोर कंपाउंड तीरंदाजी में विश्व रिकॉर्ड के बराबर रहा। इस उपलब्धि ने स्वर्ण पदक की खुशी को और खास बना दिया। भारतीय महिला टीम ने न सिर्फ चीन को हराया, बल्कि पूरे मुकाबले के दौरान अपनी सटीकता और निरंतरता का भी शानदार प्रदर्शन किया।
यह एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए तीरंदाजी में एक और बड़ी सफलता है। प्रतियोगिता में भारतीय तीरंदाज लगातार पदक जीत रहे हैं और देश के पदक अभियान को मजबूती दे रहे हैं।
इस गोल्ड के साथ भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या सात हो गई है। महिला कंपाउंड टीम की इस जीत ने एशियाड में भारतीय तीरंदाजी के शानदार प्रदर्शन को एक बार फिर सामने रखा है।
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