एशियन गेम्स 2026: जो चिनप्पा-दीपिका न कर सकीं, वो अनाहत ने कर दिखाया! फाइनल में पहुंचकर कौन सा रिकॉर्ड बनाया?


 एशियन गेम्स 2026 में भारतीय स्क्वैश के लिए अनाहत सिंह ने इतिहास रच दिया है। युवा भारतीय खिलाड़ी ने महिला एकल स्क्वैश के फाइनल में जगह बनाकर देश का रजत पदक पक्का कर दिया। सेमीफाइनल में अनाहत ने जापान की विश्व नंबर-छह खिलाड़ी सतोमी वातानाबे को 3-2 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। यह मुकाबला उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि वह शुरुआत में लगातार दो गेम हार गई थीं। इसके बावजूद अनाहत ने धैर्य बनाए रखा और अगले तीन गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

दो गेम हारने के बाद की शानदार वापसी

अनाहत सिंह के लिए सेमीफाइनल की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रही। जापानी खिलाड़ी ने पहले दो गेम अपने नाम कर मुकाबले में 2-0 की बढ़त बना ली थी। इस स्थिति में भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बढ़ गया था। हालांकि, अनाहत ने हार नहीं मानी और अपने खेल में जरूरी बदलाव करते हुए वापसी शुरू की।

तीसरे गेम से अनाहत ने आक्रामकता बढ़ाई और रैलियों में बेहतर नियंत्रण दिखाया। उन्होंने लगातार दो गेम जीतकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। इसके बाद मुकाबला निर्णायक पांचवें गेम में पहुंचा, जहां भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा।

निर्णायक गेम में दिखाया दम

पांचवें और निर्णायक गेम में अनाहत ने अपने खेल पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा। उन्होंने जापानी खिलाड़ी को ज्यादा मौके नहीं दिए और महत्वपूर्ण रैलियों में अंक हासिल किए। आखिरकार उन्होंने निर्णायक गेम भी जीत लिया और मुकाबला 3-2 से अपने नाम कर फाइनल में प्रवेश किया।

इस जीत के साथ अनाहत ने एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए महिला एकल स्क्वैश में कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर दिया है। अब फाइनल में उनके पास स्वर्ण पदक जीतने का मौका होगा।

जो चिनप्पा और दीपिका नहीं कर सकीं, वह अनाहत ने किया

अनाहत सिंह की इस उपलब्धि को भारतीय महिला स्क्वैश के लिहाज से खास माना जा रहा है। इससे पहले भारत की अनुभवी खिलाड़ी जोशना चिनप्पा और दीपिका पल्लीकल भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं, लेकिन एशियन गेम्स के महिला एकल वर्ग में फाइनल तक पहुंचने की उपलब्धि उनके नाम नहीं रही।

अब अनाहत ने फाइनल में पहुंचकर इस उपलब्धि को हासिल किया है। वह एशियन गेम्स के महिला एकल स्क्वैश फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

स्वर्ण पर होगी नजर

अनाहत की नजर अब स्वर्ण पदक पर होगी। सेमीफाइनल में दो गेम पिछड़ने के बाद जिस तरह उन्होंने वापसी की, उससे उनके आत्मविश्वास का अंदाजा लगाया जा सकता है। फाइनल में उनका सामना किस खिलाड़ी से होगा और मुकाबले का परिणाम क्या रहेगा, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।

फिलहाल इतना तय है कि अनाहत सिंह ने शानदार प्रदर्शन के साथ भारत के लिए महिला एकल स्क्वैश में इतिहास रच दिया है और कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है।

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