Virat Kohli vs Sachin Tendulkar: सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तुलना क्रिकेट जगत में अक्सर होती रहती है। दोनों ने अपने-अपने दौर में बल्लेबाजी के कई बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं। लेकिन अगर दोनों के वनडे करियर के शुरुआती पांच साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो एक दिलचस्प अंतर देखने को मिलता है।
सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 1989 में कदम रखा था। वनडे में उन्हें अपने पहले शतक के लिए करीब पांच साल का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने 9 सितंबर 1994 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलंबो में 110 रन की पारी खेलकर अपना पहला ODI शतक लगाया था। यह उनका 78वां वनडे था।
सचिन के पहले पांच साल का रिकॉर्ड
सचिन ने 1989 से 1993 तक वनडे में कोई शतक नहीं लगाया था। 1994 में उनका इंतजार खत्म हुआ और उसी साल उन्होंने तीन ODI शतक जड़ दिए। BCCI के रिकॉर्ड के मुताबिक, 9 सितंबर 1994 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 110 रन, 28 अक्टूबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ 115 रन और 11 नवंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ 105 रन बनाए।
इस तरह अंतरराष्ट्रीय पदार्पण से शुरुआती पांच साल के दौर में सचिन के नाम 1 सितंबर 1994 तक एक ODI शतक था, जबकि 1994 के अंत तक उनके खाते में तीन वनडे शतक हो चुके थे।
विराट कोहली ने कितने शतक लगाए?
विराट कोहली ने अगस्त 2008 में अपना ODI डेब्यू किया। शुरुआती वर्षों में उन्होंने तेजी से खुद को भारतीय टीम के प्रमुख बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया। 2009 में उन्होंने अपना पहला वनडे शतक लगाया।
आंकड़ों के मुताबिक 2009 में विराट ने 1, 2010 में 3, 2011 में 4 और 2012 में 5 ODI शतक लगाए। 2013 में उन्होंने 4 और शतक जोड़े। इस तरह 2008 से 2013 के शुरुआती वर्षों में उनके शतकों की संख्या तेजी से बढ़ी।
दोनों के बीच बड़ा अंतर
सचिन के दौर में वनडे क्रिकेट का प्रारूप और बल्लेबाजी की परिस्थितियां आज से काफी अलग थीं। वहीं विराट ऐसे दौर में खेले, जब सीमित ओवरों के क्रिकेट में बल्लेबाजों के लिए कई नियम और परिस्थितियां अधिक अनुकूल हो चुकी थीं।
इसलिए केवल शुरुआती पांच साल के शतकों की संख्या के आधार पर दोनों में श्रेष्ठता तय करना सही नहीं होगा। सचिन ने अपने पूरे ODI करियर में 49 शतक लगाए, जबकि विराट ने बाद में उनका रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।
यही वजह है कि सचिन और विराट की तुलना आज भी क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती है।
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