टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए इंसुलिन उपचार को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। इंसुलिन एफ्सिटोरा अल्फा (Awiqli) को सप्ताह में केवल एक बार लेने वाले इंसुलिन विकल्प के रूप में विकसित किया गया है। इससे उन मरीजों के लिए उपचार का तरीका आसान हो सकता है, जिन्हें रोजाना इंसुलिन इंजेक्शन लेना पड़ता है।
रोजाना इंसुलिन की जगह सप्ताह में एक बार
टाइप-2 डायबिटीज में शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या इंसुलिन का प्रभाव कम हो जाता है। कुछ मरीजों को ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के लिए इंसुलिन की जरूरत पड़ती है। ऐसे लोगों को लंबे समय तक रोजाना इंजेक्शन लेना पड़ सकता है, जिसके कारण कई मरीजों के लिए उपचार नियमित रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
सप्ताह में एक बार दिया जाने वाला इंसुलिन इस परेशानी को कम करने में मदद कर सकता है। एफ्सिटोरा अल्फा लंबे समय तक शरीर में इंसुलिन का प्रभाव बनाए रखने के लिए डिजाइन किया गया है।
कितना प्रभावी पाया गया?
क्लिनिकल ट्रायल में सप्ताह में एक बार दिए जाने वाले इंसुलिन की तुलना रोजाना लगाए जाने वाले बेसल इंसुलिन से की गई। अध्ययन में पाया गया कि एफ्सिटोरा अल्फा ब्लड शुगर नियंत्रण के मामले में रोजाना इस्तेमाल होने वाले इंसुलिन की तुलना में प्रभावी हो सकता है।
हालांकि, हर मरीज के लिए इंसुलिन की जरूरत और खुराक अलग होती है। इसलिए सप्ताह में एक बार वाला इंसुलिन शुरू करने का फैसला डॉक्टर मरीज की स्थिति, ब्लड शुगर और अन्य दवाओं को ध्यान में रखकर ही करते हैं।
मरीजों के लिए क्या हो सकता है फायदा?
सप्ताह में केवल एक इंजेक्शन लेने का सबसे बड़ा फायदा उपचार की सुविधा हो सकता है। रोजाना इंजेक्शन लेने की परेशानी कम होने से कुछ मरीजों के लिए दवा नियमित रूप से लेना आसान हो सकता है। इससे उपचार के प्रति मरीज की निरंतरता भी बेहतर होने की संभावना रहती है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि डायबिटीज पूरी तरह ठीक हो जाएगी। मरीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार भोजन, शारीरिक गतिविधि, ब्लड शुगर की निगरानी और अन्य दवाओं का ध्यान रखना जरूरी रहेगा।
क्या हर डायबिटीज मरीज ले सकता है?
नहीं। सप्ताह में एक बार इंसुलिन हर मरीज के लिए उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं है। इसकी जरूरत और उपयुक्तता मरीज की डायबिटीज की स्थिति तथा चल रहे उपचार पर निर्भर करती है। इंसुलिन की खुराक में खुद से बदलाव करना खतरनाक हो सकता है।
इसलिए यदि आप रोजाना इंसुलिन लेते हैं, तो केवल इस खबर के आधार पर अपनी दवा बंद या बदलने की कोशिश न करें। डॉक्टर से सलाह लेकर ही किसी नए इंसुलिन विकल्प पर विचार करें।
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