तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को आगे न बढ़ाने का बड़ा फैसला सुनाया। सरकार ने यह निर्णय कृषि भूमि, जलस्रोतों और स्थानीय लोगों की आजीविका पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को देखते हुए लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चेन्नई के विकास और बढ़ती हवाई यातायात जरूरतों को देखते हुए नया एयरपोर्ट जरूरी है, लेकिन इसे किसानों और स्थानीय निवासियों की कीमत पर नहीं बनाया जा सकता।
किसानों और ग्रामीणों के विरोध का क्या था कारण?
परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को लेकर आसपास के गांवों के लोग लंबे समय से विरोध कर रहे थे। किसानों और स्थानीय निवासियों की मुख्य चिंता कृषि भूमि, घरों और उनकी आजीविका पर असर को लेकर थी। मुख्यमंत्री विजय ने भी बताया कि उन्होंने जनवरी 2025 में एगनापुरम और आसपास के गांवों का दौरा कर प्रदर्शन कर रहे लोगों की समस्याएं सुनी थीं।
परंदूर में एयरपोर्ट बनाने की योजना में बड़ी मात्रा में जमीन की जरूरत थी। रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्तावित क्षेत्र में सिंचित कृषि भूमि के साथ कई झीलें, नहरें और जल निकाय भी मौजूद हैं। पर्यावरण को लेकर भी इस परियोजना पर सवाल उठते रहे हैं।
चेन्नई को नए एयरपोर्ट की जरूरत क्यों?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार चेन्नई के लिए नए एयरपोर्ट की जरूरत से इनकार नहीं कर रही है। मौजूदा मीenambakkam एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या बढ़ रही है और शहर के औद्योगिक विकास के साथ कार्गो परिवहन की मांग भी बढ़ रही है। मौजूदा एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त टर्मिनल की योजना भी बनाई जा रही है।
अब कहां बनेगा नया एयरपोर्ट?
परंदूर प्रोजेक्ट रद्द करने के बाद सरकार अब वैकल्पिक स्थान तलाश रही है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि ऐसी जगह को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां कृषि भूमि और लोगों की आजीविका पर कम से कम असर पड़े। नए स्थान को विशेषज्ञों की तकनीकी जांच और विस्तृत अध्ययन के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।
फैसले पर उठे सवाल
सरकार के इस फैसले की जहां स्थानीय लोगों और किसानों के बीच सराहना हो रही है, वहीं विपक्ष की ओर से आर्थिक नुकसान की आशंका जताई गई है। डीएमके विधायक थंगम थेनारसु ने कहा कि परंदूर को चुनने से पहले कई विकल्पों का अध्ययन किया गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि परियोजना रद्द होने से कुछ उद्योग पड़ोसी आंध्र प्रदेश का रुख कर सकते हैं।
इस तरह परंदूर एयरपोर्ट का मामला अब खत्म होने के बजाय नए स्थान की तलाश की ओर बढ़ गया है। सरकार के सामने चुनौती यह है कि चेन्नई की बढ़ती हवाई जरूरतों को पूरा करने के साथ किसानों, पर्यावरण और स्थानीय आबादी के हितों का भी संतुलन बनाया जाए।
.jpg)
0 टिप्पणियाँ