खाने के बाद मिठाई खाने का मन होना या कभी-कभार चॉकलेट, केक और अन्य मीठी चीजों की इच्छा होना आम बात है। लेकिन अगर आपको हर समय मीठा खाने की क्रेविंग होती रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार यह शरीर में पोषण की कमी, ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव, नींद की कमी या खानपान से जुड़ी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।
ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव
जब हम बहुत ज्यादा मीठा या रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाते हैं, तो ब्लड शुगर तेजी से बढ़ और फिर कम हो सकती है। इसके कारण शरीर को दोबारा ऊर्जा की जरूरत महसूस होती है और मीठा खाने की इच्छा बढ़ सकती है। इसलिए बार-बार होने वाली क्रेविंग को कम करने के लिए संतुलित भोजन जरूरी है।
नींद की कमी भी हो सकती है कारण
अगर आप रोजाना पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो भूख और भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं। थकान महसूस होने पर शरीर जल्दी ऊर्जा पाने के लिए मीठी चीजों की ओर आकर्षित हो सकता है। ऐसे में अच्छी और पर्याप्त नींद लेना जरूरी है।
तनाव बढ़ा सकता है मीठे की इच्छा
ज्यादा तनाव या मानसिक थकान होने पर कई लोग मीठी चीजों को खाने से अच्छा महसूस करते हैं। मीठा खाने से कुछ समय के लिए मूड बेहतर लग सकता है, लेकिन इसकी आदत पड़ने पर बार-बार क्रेविंग होने लगती है। तनाव कम करने के लिए टहलना, योग, मेडिटेशन और पर्याप्त आराम मददगार हो सकते हैं।
भोजन में पोषण की कमी
कई बार प्रोटीन और फाइबर की कमी वाला भोजन जल्दी भूख लगने का कारण बनता है। अगर आपकी डाइट में फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में नहीं हैं, तो आपको जल्दी-जल्दी कुछ खाने और खासकर मीठा खाने की इच्छा हो सकती है।
मीठा खाने की आदत भी है एक वजह
रोजाना ज्यादा मिठाई, मीठे पेय या शुगर से भरपूर स्नैक्स खाने की आदत भी क्रेविंग बढ़ा सकती है। शरीर और स्वाद दोनों धीरे-धीरे ज्यादा मिठास के आदी हो जाते हैं। ऐसे में अचानक पूरी तरह मीठा छोड़ने के बजाय इसकी मात्रा धीरे-धीरे कम करना बेहतर हो सकता है।
अगर मीठा खाने की इच्छा बहुत ज्यादा रहती है और इसके साथ अत्यधिक प्यास, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन कम होना या बहुत ज्यादा थकान जैसी समस्याएं भी हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। लगातार होने वाली क्रेविंग के पीछे की वजह समझकर ही सही कदम उठाया जा सकता है।
.jpg)
0 टिप्पणियाँ