देशभर में बढ़ती स्पैम कॉल, फर्जी मैसेज और साइबर ठगी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बड़ा अभियान चलाया है। दूरसंचार विभाग (DoT) और Telecom Regulatory Authority of India की सख्ती के तहत अब तक 1.83 लाख से अधिक टेलीकॉम संसाधनों पर कार्रवाई की गई है। इस अभियान का उद्देश्य फर्जी सिम, स्पैम कॉल, धोखाधड़ी वाले मैसेज और साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबरों व अन्य संसाधनों पर रोक लगाना है।
सरकार के अनुसार, बड़ी संख्या में ऐसे मोबाइल नंबर, सिम कार्ड और टेलीकॉम संसाधनों की पहचान की गई थी, जिनका इस्तेमाल अनचाही प्रमोशनल कॉल, फिशिंग मैसेज, बैंकिंग फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के लिए किया जा रहा था। कार्रवाई के तहत संदिग्ध नंबरों को बंद किया गया, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए और टेलीकॉम कंपनियों को निगरानी और सत्यापन की प्रक्रिया और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस सख्ती का सबसे बड़ा फायदा आम मोबाइल उपभोक्ताओं को मिलने की उम्मीद है। स्पैम कॉल और फर्जी संदेशों में कमी आने से साइबर ठगी के मामलों पर भी अंकुश लगेगा। साथ ही, मोबाइल उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और सुरक्षा बेहतर होगी। सरकार लगातार ऐसी तकनीकों और नियमों पर काम कर रही है, जिनसे फर्जी कॉल और संदेशों की पहचान पहले ही की जा सके और उन्हें नेटवर्क स्तर पर रोका जा सके।
यदि किसी उपभोक्ता को अब भी लगातार स्पैम कॉल या प्रमोशनल मैसेज मिलते हैं, तो वे उन्हें रिपोर्ट कर सकते हैं। इसके लिए TRAI का DND (Do Not Disturb) सिस्टम, 1909 सेवा और संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है। शिकायत मिलने के बाद टेलीकॉम कंपनियों को जांच कर कार्रवाई करनी होती है।
सरकार का कहना है कि स्पैम कॉल और साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। डिजिटल लेनदेन और मोबाइल सेवाओं के बढ़ते उपयोग को देखते हुए सुरक्षित दूरसंचार व्यवस्था बनाना प्राथमिकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार निगरानी, कड़े नियम और लोगों की जागरूकता के जरिए ही स्पैम कॉल और फर्जी संदेशों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
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