भारत के स्मार्टफोन बाजार में इस समय एक दिलचस्प तस्वीर देखने को मिल रही है। एक तरफ देश में स्मार्टफोन की कुल बिक्री यानी शिपमेंट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ प्रीमियम सेगमेंट में Apple का iPhone 17 शानदार प्रदर्शन कर रहा है। IDC के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में भारत का स्मार्टफोन बाजार सालाना आधार पर 11.1 फीसदी घटकर 3.32 करोड़ यूनिट रह गया।
पांच साल के निचले स्तर पर बाजार
जनवरी से जून 2026 के बीच भारत में कुल स्मार्टफोन शिपमेंट 6.42 करोड़ यूनिट रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 7.9 फीसदी कम है। IDC के अनुसार, यह भारत में पिछले पांच वर्षों में पहली छमाही का सबसे कम शिपमेंट स्तर है। यानी स्मार्टफोन की संख्या के लिहाज से बाजार पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है।
बाजार में गिरावट के पीछे बढ़ती कीमतें और मेमोरी कंपोनेंट्स की लागत में इजाफा प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। कंपनियों ने बढ़ती लागत का असर कीमतों पर डाला है, जिससे ग्राहकों के लिए नए स्मार्टफोन खरीदना महंगा हुआ है। इसके कारण खासतौर पर बजट और मिड-रेंज सेगमेंट पर दबाव बढ़ा है।
iPhone 17 ने बनाया दबदबा
बाजार में गिरावट के बावजूद Apple ने मजबूत प्रदर्शन किया है। iPhone 17 भारत में सबसे ज्यादा शिप किए जाने वाले स्मार्टफोन के तौर पर अपनी जगह बनाए हुए है। यह दिखाता है कि प्रीमियम फोन खरीदने वाले ग्राहकों की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।
IDC के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में भी iPhone 17 अकेले भारत के कुल स्मार्टफोन वॉल्यूम का करीब 4 फीसदी था। वहीं Apple ने कुल शिपमेंट में गिरावट के बावजूद प्रीमियम बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखी।
सस्ते फोन से प्रीमियम फोन की ओर बदलाव
बाजार के आंकड़ों से एक और महत्वपूर्ण ट्रेंड सामने आया है। कुल फोन की बिक्री घट रही है, लेकिन बाजार की कुल वैल्यू बढ़ रही है। इसका मतलब है कि कम संख्या में फोन बिकने के बावजूद महंगे और प्रीमियम स्मार्टफोन की हिस्सेदारी बढ़ रही है। 2026 की पहली छमाही में बाजार की वैल्यू 3.6 फीसदी बढ़ी।
यानी भारतीय ग्राहक अब हर साल नया सस्ता फोन खरीदने के बजाय कुछ ज्यादा पैसा खर्च करके बेहतर और लंबे समय तक चलने वाला स्मार्टफोन खरीदने की ओर बढ़ रहे हैं। इसी प्रीमियमाइजेशन का सबसे बड़ा फायदा Apple जैसी कंपनियों को मिल रहा है।
आगे क्या रहेगा बाजार का हाल?
अगर कीमतों और कंपोनेंट लागत का दबाव बना रहता है तो 2026 में स्मार्टफोन बाजार की कुल यूनिट बिक्री पर असर जारी रह सकता है। हालांकि, प्रीमियम सेगमेंट में Apple और Samsung जैसी कंपनियों के लिए स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी रह सकती है।
इस तरह भारत के स्मार्टफोन बाजार की मौजूदा तस्वीर यह बताती है कि फोन कम बिक रहे हैं, लेकिन महंगे फोन की मांग मजबूत है। यही वजह है कि एक तरफ बाजार पांच साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है, तो दूसरी तरफ iPhone 17 जैसे प्रीमियम मॉडल का दबदबा कायम है।
.jpg)
0 टिप्पणियाँ