सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं। हालांकि, डायबिटीज (शुगर) और हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) से पीड़ित लोगों के लिए बिना तैयारी के व्रत रखना स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि इन मरीजों को व्रत रखने से पहले कुछ जरूरी सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों को लंबे समय तक खाली पेट नहीं रहना चाहिए। ऐसा करने से ब्लड शुगर का स्तर बहुत कम (हाइपोग्लाइसीमिया) या बहुत अधिक हो सकता है, जिससे चक्कर आना, कमजोरी, पसीना आना या बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि आप व्रत रख रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार फल, दूध, दही, मेवे, मखाना या अन्य पौष्टिक व्रत वाले खाद्य पदार्थ समय-समय पर लेते रहें।
हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी व्रत के दौरान पर्याप्त पानी पीना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। डिहाइड्रेशन से रक्तचाप प्रभावित हो सकता है और कमजोरी या चक्कर आने की शिकायत हो सकती है। यदि स्वास्थ्य कारणों से पानी पीने में कोई विशेष प्रतिबंध नहीं है, तो दिनभर पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना फायदेमंद माना जाता है।
डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि शुगर और बीपी की दवाओं का समय बिना चिकित्सकीय सलाह के न बदलें। यदि व्रत के कारण भोजन का समय बदल रहा है, तो दवाओं की मात्रा या समय में बदलाव केवल डॉक्टर की सलाह से ही करें। नियमित रूप से ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की निगरानी करते रहना भी जरूरी है।
व्रत के दौरान तली-भुनी और अधिक मीठी चीजों का सेवन करने से बचें। इसकी जगह संतुलित और हल्का भोजन चुनें, जिसमें पर्याप्त पोषण हो। यदि व्रत के दौरान अत्यधिक कमजोरी, सीने में दर्द, धुंधला दिखाई देना, तेज चक्कर या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत व्रत तोड़ें और चिकित्सकीय सहायता लें।
धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। यदि आपकी शुगर या बीपी नियंत्रित नहीं रहती, हाल ही में तबीयत खराब रही है या आप किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, तो व्रत रखने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। सही योजना और सावधानियों के साथ अधिकांश लोग सुरक्षित तरीके से व्रत का पालन कर सकते हैं।
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