नई रिसर्च में सामने आया चौंकाने वाला असर, स्क्रीनशॉट लेने से जानकारी याद रखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है
आजकल फोन पर कोई जरूरी जानकारी दिखी नहीं कि लोग तुरंत उसका स्क्रीनशॉट ले लेते हैं। मन में यही रहता है कि बाद में आराम से देख लेंगे। लेकिन क्या हर जरूरी चीज का स्क्रीनशॉट लेना हमारी याददाश्त के लिए नुकसानदायक हो सकता है? हालिया शोध में इस आदत को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।
अमेरिका की Binghamton University के शोधकर्ताओं ने स्क्रीनशॉट लेने और याददाश्त के बीच संबंध का अध्ययन किया। यह शोध Memory & Cognition जर्नल में प्रकाशित हुआ है। शोध में सात अलग-अलग प्रयोग किए गए और पाया गया कि जिन लोगों ने किसी जानकारी या तस्वीर का स्क्रीनशॉट लिया, उन्हें बाद में उसे याद रखने में उन लोगों की तुलना में अधिक परेशानी हुई, जिन्होंने केवल उसे देखा था।
स्क्रीनशॉट लेने से ऐसा क्यों होता है?
शोधकर्ताओं ने इसके पीछे कई संभावित कारण बताए हैं। एक प्रमुख वजह cognitive offloading मानी जा रही है। इसका मतलब है कि जब हमें लगता है कि जानकारी फोन में सुरक्षित है, तो हमारा दिमाग उसे याद रखने के लिए उतनी मेहनत नहीं करता।
दूसरी संभावना यह है कि स्क्रीनशॉट लेने की प्रक्रिया हमारा ध्यान उस जानकारी से हटा देती है। यानी जानकारी को समझने और याद रखने के बजाय हमारा ध्यान उसे सेव करने की प्रक्रिया पर चला जाता है। शोध में यह भी संकेत मिला कि स्क्रीनशॉट लेने से व्यक्ति उस सामग्री से मानसिक रूप से थोड़ा अलग हो सकता है।
क्या फोटो या स्क्रीनशॉट हमेशा नुकसानदायक है?
ऐसा नहीं है कि स्क्रीनशॉट लेना पूरी तरह खराब आदत है। समस्या तब अधिक हो सकती है जब हम स्क्रीनशॉट तो ले लेते हैं, लेकिन बाद में उसे कभी देखते ही नहीं हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, तस्वीरों को बाद में दोबारा देखकर उनका इस्तेमाल याददाश्त को मजबूत करने के लिए किया जा सकता है। केवल फोन में सेव करके छोड़ देना उतना फायदेमंद नहीं हो सकता।
नोट्स बनाना हो सकता है बेहतर तरीका
अगर कोई जानकारी वास्तव में याद रखनी है, तो उसे सिर्फ स्क्रीनशॉट लेने के बजाय अपने शब्दों में लिखना ज्यादा उपयोगी हो सकता है। नोट्स बनाने के दौरान दिमाग जानकारी को समझने, व्यवस्थित करने और दोबारा प्रोसेस करने की कोशिश करता है, जिससे याद रखने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इस शोध का मतलब यह नहीं है कि स्क्रीनशॉट लेने से स्थायी याददाश्त की बीमारी हो जाती है। अध्ययन एक विशेष परिस्थिति में memory impairment यानी जानकारी याद रखने में कमी की ओर इशारा करता है।
इसलिए अगली बार कोई जरूरी जानकारी देखकर तुरंत स्क्रीनशॉट लेने के बजाय पहले उसे ध्यान से पढ़ें, समझें और जरूरत हो तो छोटा-सा नोट बना लें। और अगर स्क्रीनशॉट लेते हैं, तो उसे बाद में वास्तव में दोबारा देखना भी न भूलें।
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