रक्षा बंधन 2026 इस बार कई मायनों में खास रहने वाला है। भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का यह त्योहार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसी दिन चंद्र ग्रहण भी पड़ रहा है, जिसके कारण लोगों के बीच सूतक काल और राखी बांधने के शुभ समय को लेकर काफी उत्सुकता है। हालांकि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसके कारण सूतक मान्य नहीं होगा।
1. कब मनाया जाएगा रक्षा बंधन?
इस साल श्रावण पूर्णिमा के आधार पर रक्षा बंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त से शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के नियम के अनुसार त्योहार 28 अगस्त को ही मनाना उचित माना गया है।
2. क्या रक्षा बंधन के दिन चंद्र ग्रहण लगेगा?
हां, 28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। भारतीय समय के अनुसार ग्रहण का आंशिक चरण सुबह करीब 8:03-8:04 बजे से शुरू होकर करीब 11:21-11:22 बजे तक रहेगा।
3. क्या भारत में दिखाई देगा ग्रहण?
नहीं। 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यही वजह है कि भारत में इसे लेकर सामान्य तौर पर ग्रहण संबंधी धार्मिक नियम लागू नहीं होंगे।
4. क्या भारत में सूतक काल लगेगा?
चूंकि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारतीय परंपरा के अनुसार सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में रक्षा बंधन के पूजा-पाठ और राखी बांधने पर ग्रहण के कारण रोक नहीं मानी जाएगी।
5. भद्रा कब रहेगी?
पंचांग गणनाओं के अनुसार इस बार भद्रा 27 अगस्त को रहेगी और रात में समाप्त हो जाएगी। इसलिए 28 अगस्त को राखी बांधने के समय भद्रा का अवरोध नहीं रहेगा।
6. राखी बांधने का शुभ समय क्या है?
अलग-अलग पंचांगों में शुभ मुहूर्त में थोड़ा अंतर दिया गया है। दिल्ली के लिए एक प्रमुख गणना के अनुसार सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है।
7. क्या अभिजीत मुहूर्त में भी राखी बांध सकते हैं?
हां, उपलब्ध पंचांग गणनाओं के अनुसार 28 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त में भी राखी बांधने का समय रहेगा। स्थानीय शहर के पंचांग के अनुसार इसमें कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।
8. ग्रहण का धार्मिक प्रभाव क्या होगा?
भारत में ग्रहण दिखाई न देने के कारण यहां इसके आधार पर सूतक या अन्य प्रतिबंध लागू नहीं माने जा रहे हैं। हालांकि ग्रहण और उसके ज्योतिषीय प्रभावों को लेकर अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं मौजूद हैं।
9. राखी बांधते समय किन बातों का ध्यान रखें?
बहन भाई को राखी बांधते समय पूजा की थाली में रोली, अक्षत, दीपक और मिठाई रख सकती है। परंपरा के अनुसार पहले भाई का तिलक किया जाता है, फिर राखी बांधकर आरती की जाती है।
10. इस बार रक्षा बंधन क्यों खास है?
इस बार रक्षा बंधन और चंद्र ग्रहण का एक ही दिन पड़ना खगोलीय और धार्मिक दोनों दृष्टि से चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा और सूतक भी मान्य नहीं होगा। इसलिए बहनें 28 अगस्त को शुभ समय में भाई की कलाई पर राखी बांधकर त्योहार मना सकती हैं। स्थानीय पंचांग में दिए समय को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।
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