भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य उत्पादों से जुड़े दावों और विज्ञापनों को लेकर 150 से ज्यादा कंपनियों को नोटिस जारी किया है। इनमें नेस्ले, पेप्सिको, मोंडेलेज और कोका-कोला जैसे बड़े ब्रांड भी शामिल बताए जा रहे हैं। कार्रवाई का मुख्य कारण ऐसे दावे हैं, जिन्हें नियामक ने उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला या नियमों के अनुरूप नहीं माना है।
FSSAI की ओर से जारी नोटिस में कंपनियों के उत्पादों की पैकेजिंग और विज्ञापनों में किए जाने वाले दावों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। खाद्य कंपनियां अपने उत्पादों को स्वास्थ्य, पोषण, गुणवत्ता या अन्य विशेष खूबियों से जोड़कर ग्राहकों को आकर्षित करती हैं। ऐसे में पैकेट पर लिखी जानकारी और विज्ञापनों में किए गए दावों का सही और स्पष्ट होना बेहद जरूरी है।
नियामक की नजर उन दावों पर है, जिनसे उपभोक्ताओं के बीच किसी खाद्य उत्पाद को लेकर गलत धारणा बन सकती है। यदि किसी उत्पाद की पैकेजिंग पर ऐसा दावा किया जाता है जो निर्धारित नियमों या वैज्ञानिक आधार से मेल नहीं खाता, तो उपभोक्ता को उसके बारे में गलत जानकारी मिल सकती है। इसी तरह विज्ञापनों में बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावे भी उपभोक्ताओं के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं।
नेस्ले, पेप्सिको, मोंडेलेज और कोका-कोला जैसे बड़े ब्रांडों का नाम इस कार्रवाई में सामने आने के बाद मामला खासा महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, किसी कंपनी को नोटिस जारी किया जाना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि कंपनी ने कोई अंतिम रूप से दोष सिद्ध उल्लंघन किया है। नोटिस के बाद संबंधित कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है और नियामक उनके जवाब तथा उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय कर सकता है।
FSSAI की यह पहल खाद्य उत्पादों की लेबलिंग और विज्ञापनों में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पैकेट पर दी गई जानकारी उपभोक्ताओं के लिए यह समझने का प्रमुख माध्यम होती है कि वह कौन सा उत्पाद खरीद रहे हैं और उसमें कौन-कौन से पोषक तत्व या सामग्री मौजूद हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, आज के समय में उपभोक्ता स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े दावों को काफी महत्व देते हैं। ऐसे में कंपनियों के लिए जरूरी है कि वे अपने उत्पादों के बारे में सटीक, स्पष्ट और नियमों के अनुरूप जानकारी दें। वहीं, नियामक की जिम्मेदारी है कि गलत या भ्रामक दावों पर निगरानी रखी जाए।
FSSAI की इस कार्रवाई से खाद्य और पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियों के लिए यह संदेश गया है कि उत्पादों की पैकेजिंग और विज्ञापन में किए जाने वाले दावों को लेकर नियमों का पालन करना जरूरी है। आने वाले समय में इस मामले में कंपनियों के जवाब और नियामक की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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