रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही दिल्ली-एनसीआर में मिठाइयों की मांग बढ़ने लगी है, लेकिन इस बार मिठाई खरीदने वालों की जेब पर महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। चीनी के दाम बढ़ने के कारण मिठाई की लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा असर दुकानों पर मिलने वाली मिठाइयों की कीमतों पर पड़ा है। कई जगहों पर जो मिठाई पहले करीब 500 रुपये में मिल जाती थी, उसके लिए अब ग्राहकों को 700 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
मिठाई कारोबारियों का कहना है कि चीनी मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सामग्री है। इसके दाम बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ गई है। इसके अलावा दूध, खोया, ड्राई फ्रूट्स और अन्य सामग्री की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी कारोबारियों की परेशानी बढ़ाई है। लागत बढ़ने के कारण दुकानदारों को मिठाइयों के दाम बढ़ाने पड़े हैं।
रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर मिठाई की बिक्री आम दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है। लोग राखी के साथ मिठाई के डिब्बे खरीदकर अपने भाई-बहनों और रिश्तेदारों को देते हैं। लेकिन इस बार बढ़ी कीमतों ने ग्राहकों का बजट प्रभावित किया है। कई ग्राहक कीमतों की तुलना करने के बाद कम मात्रा में मिठाई खरीद रहे हैं।
महंगे दामों का असर प्री-ऑर्डर पर भी देखने को मिल रहा है। कारोबारियों के मुताबिक, पिछले वर्षों की तुलना में कुछ ग्राहकों ने पहले से मिठाई बुक कराने में रुचि कम दिखाई है। इसके बजाय लोग बजट के हिसाब से छोटे पैक या दूसरे गिफ्ट विकल्प तलाश रहे हैं।
मिठाई की बढ़ती कीमतों के बीच कुछ ग्राहक चॉकलेट और चॉकलेट गिफ्ट पैक की ओर भी रुख कर रहे हैं। इन्हें कई लोग मिठाई के मुकाबले किफायती और आकर्षक विकल्प मान रहे हैं। ऐसे में रक्षाबंधन पर पारंपरिक मिठाइयों के कारोबार के साथ-साथ गिफ्ट पैक की मांग में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।
कारोबारियों को उम्मीद है कि त्योहार के अंतिम दिनों में बिक्री बढ़ सकती है। हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी के कारण इस बार ग्राहकों और मिठाई विक्रेताओं दोनों के लिए त्योहार का बजट चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
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