LPG Price: घरेलू गैस सिलेंडर और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में क्यों होता है अंतर? जानें वजह


 हर महीने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव देखने को मिलता है। इस बार 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में कटौती की गई है, जबकि 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि दोनों सिलेंडरों की कीमत अलग-अलग क्यों होती है।

दरअसल, घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का उपयोग अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है। 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर घरों में खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर होटल, रेस्तरां, ढाबे, कैंटीन और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग किया जाता है।

दोनों सिलेंडरों की कीमतों में अंतर का सबसे बड़ा कारण मूल्य निर्धारण की नीति है। घरेलू एलपीजी आम उपभोक्ताओं की जरूरत से जुड़ा उत्पाद है, इसलिए इसकी कीमतों को तय करते समय आम लोगों पर पड़ने वाले असर का भी ध्यान रखा जाता है। वहीं कमर्शियल सिलेंडर पूरी तरह व्यावसायिक उपयोग के लिए होता है, इसलिए इसकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय एलपीजी दरों, कच्चे तेल की कीमतों, आयात लागत और बाजार की परिस्थितियों के अनुसार अधिक तेजी से बदल सकती हैं।

कमर्शियल सिलेंडर का वजन भी घरेलू सिलेंडर से अधिक होता है। जहां घरेलू सिलेंडर में 14.2 किलोग्राम गैस होती है, वहीं कमर्शियल सिलेंडर में 19 किलोग्राम एलपीजी भरी जाती है। अधिक गैस होने के कारण इसकी आधार कीमत भी ज्यादा होती है।

एलपीजी की कीमतों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर-रुपये की विनिमय दर, परिवहन लागत और अन्य परिचालन खर्चों का सीधा असर कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों पर पड़ता है। यही वजह है कि कई बार कमर्शियल सिलेंडर के दाम हर महीने बदल जाते हैं, जबकि घरेलू सिलेंडर की कीमतें लंबे समय तक स्थिर रह सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर अलग-अलग उपभोक्ता वर्गों की जरूरतों को पूरा करते हैं। इसलिए दोनों की कीमतें एक जैसी नहीं होतीं और उनका मूल्य निर्धारण भी अलग मानकों के आधार पर किया जाता है। यही कारण है कि एक ही एलपीजी होने के बावजूद दोनों सिलेंडरों के दाम में अंतर देखने को मिलता है।

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