Google Play के नए नियम: ज्यादा RAM खाने वाले Android ऐप्स पर गिरेगी गाज, फरवरी 2027 से सख्ती


 

ऐप्स के लिए बदलेगा गुणवत्ता का पैमाना

Google ने Android ऐप्स और गेम्स के लिए नए गुणवत्ता मानक घोषित किए हैं। फरवरी 2027 से Google Play पर उपलब्ध ऐप्स को मेमोरी यानी RAM के इस्तेमाल से जुड़े नए मानकों का पालन करना होगा। जो ऐप लगातार तय सीमा से ज्यादा मेमोरी इस्तेमाल करेंगे, उनकी Google Play पर विजिबिलिटी कम की जा सकती है और उनकी पब्लिशिंग क्षमता पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

Google का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब स्मार्टफोन की मेमोरी को लेकर हार्डवेयर स्तर पर चुनौतियां बढ़ रही हैं। कंपनी का कहना है कि कुछ नए डिवाइस समान या कम RAM के साथ आ रहे हैं, जबकि ऐप्स की मेमोरी जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ज्यादा RAM इस्तेमाल करने वाले ऐप पूरे फोन के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।

RAM इस्तेमाल की होगी निगरानी

Google Play अब ऐप्स के मेमोरी इस्तेमाल को Android Vitals के जरिए मापेगा। इसमें मुख्य रूप से Memory Usage (Anonymous RSS + Swap) और Bitmap Memory Usage जैसे मेट्रिक्स शामिल होंगे। ऐप की गुणवत्ता जांचने के लिए पिछले 28 दिनों के डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा और अलग-अलग डिवाइस की RAM क्षमता के हिसाब से सीमाएं तय होंगी।

उदाहरण के तौर पर, 4GB RAM वाले डिवाइस पर किसी सामान्य ऐप के फोरग्राउंड मेमोरी इस्तेमाल की 90वें पर्सेंटाइल सीमा 2GB रखी गई है। 6GB और 8GB RAM वाले डिवाइसों के लिए यह सीमा 2.25GB है। वहीं 12GB RAM वाले डिवाइस के लिए सीमा 3.25GB और 16GB RAM वाले डिवाइस के लिए 4.25GB है।

सिर्फ RAM ही नहीं, कोड भी करना होगा ऑप्टिमाइज

नए नियम केवल RAM तक सीमित नहीं हैं। फरवरी 2027 से ऐप्स और गेम्स को DEX code optimization से जुड़े मानकों को भी पूरा करना होगा। इसका मकसद ऐप के कोड को अधिक कुशल और कम बोझिल बनाना है।

नियम तोड़ने पर क्या होगा?

अगर कोई ऐप लगातार निर्धारित सीमाओं से बाहर रहता है, तो उसे Google Play पर कम विजिबिलिटी मिल सकती है। कुछ मामलों में उसकी पब्लिशिंग क्षमताओं पर भी रोक लग सकती है। वहीं Android 17 में डिवाइस स्तर पर भी प्रति-ऐप मेमोरी सीमाएं लागू की जा रही हैं। सीमा से ज्यादा मेमोरी इस्तेमाल करने वाले ऐप को धीमा किया जा सकता है या सिस्टम उसे बंद कर सकता है।

यूजर्स को क्या फायदा होगा?

इन बदलावों का सीधा फायदा Android यूजर्स को मिलने की उम्मीद है। कम मेमोरी इस्तेमाल करने वाले ऐप फोन को ज्यादा सुचारू रूप से चलाने, बैकग्राउंड ऐप्स को बेहतर तरीके से बनाए रखने और लैग या क्रैश जैसी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकते हैं। खासकर कम और मध्यम RAM वाले स्मार्टफोन के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण हो सकता है।

कुल मिलाकर, Google अब डेवलपर्स पर ऐप्स को हल्का, तेज और बेहतर तरीके से ऑप्टिमाइज करने का दबाव बढ़ा रहा है। फरवरी 2027 से यह बदलाव Google Play के ऐप इकोसिस्टम में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ