Google Assistant का दौर खत्म: सितंबर से एंड्रॉयड डिवाइस पर Gemini बनेगा नया डिफॉल्ट AI असिस्टेंट


 करीब एक दशक तक एंड्रॉयड यूजर्स का पसंदीदा वॉयस असिस्टेंट रहा Google Assistant अब विदाई की ओर बढ़ रहा है। गूगल ने घोषणा की है कि 4 सितंबर 2026 से एंड्रॉयड फोन, टैबलेट और कई अन्य समर्थित डिवाइस पर Google Assistant को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उसकी जगह Gemini को डिफॉल्ट AI असिस्टेंट बनाया जाएगा। यह बदलाव एक साथ सभी डिवाइस पर नहीं आएगा, बल्कि आने वाले कुछ हफ्तों में धीरे-धीरे रोलआउट किया जाएगा।

गूगल ने इस बदलाव की जानकारी ईमेल के जरिए भी यूजर्स को देनी शुरू कर दी है। कंपनी का कहना है कि जिन डिवाइस पर Gemini उपलब्ध है और हार्डवेयर आवश्यकताओं को पूरा करता है, वहां Google Assistant को हटाकर Gemini सक्रिय कर दिया जाएगा। एक बार बदलाव पूरा होने के बाद अधिकांश समर्थित डिवाइस पर पुराने Google Assistant पर वापस लौटने का विकल्प भी उपलब्ध नहीं होगा।

Gemini को Google Assistant का उत्तराधिकारी इसलिए बनाया जा रहा है क्योंकि यह केवल वॉयस कमांड तक सीमित नहीं है। Gemini जनरेटिव AI तकनीक पर आधारित है और यह जटिल सवालों के जवाब देने, ईमेल लिखने, कंटेंट तैयार करने, तस्वीरों और दस्तावेजों का विश्लेषण करने, यात्रा की योजना बनाने और कई ऐप्स के साथ बेहतर तरीके से काम करने जैसी उन्नत सुविधाएं प्रदान करता है। गूगल का मानना है कि भविष्य के AI अनुभव के लिए Gemini अधिक सक्षम और बहुउद्देश्यीय प्लेटफॉर्म साबित होगा।

यह बदलाव सिर्फ स्मार्टफोन तक सीमित नहीं रहेगा। Wear OS स्मार्टवॉच, समर्थित ईयरबड्स, हेडफोन और Android Auto से जुड़े कई डिवाइस भी धीरे-धीरे Gemini पर स्थानांतरित किए जाएंगे। हालांकि, फिलहाल Google Home और Google TV जैसे कुछ उत्पादों पर Google Assistant उपलब्ध रहेगा और वहां बदलाव बाद में किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम गूगल की AI रणनीति में सबसे बड़े बदलावों में से एक है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने Gemini को अपने सर्च, एंड्रॉयड, जीमेल, मैसेजेस और अन्य सेवाओं में तेजी से एकीकृत किया है। अब Google Assistant को हटाकर Gemini को डिफॉल्ट असिस्टेंट बनाना इसी रणनीति का अगला चरण माना जा रहा है।

यदि आपका एंड्रॉयड फोन Gemini को सपोर्ट करता है, तो सितंबर से आपको नया AI असिस्टेंट अपने आप मिल सकता है। ऐसे में यूजर्स को अधिक स्मार्ट, संदर्भ आधारित और मल्टीमॉडल AI अनुभव मिलेगा, जो सिर्फ आवाज सुनने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि टेक्स्ट, इमेज और अन्य इनपुट को भी समझकर बेहतर सहायता प्रदान करेगा।

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