भारत में प्रस्तावित विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर अमेरिकी सांसद Riley Moore ने चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित संशोधन चर्चों और धार्मिक संस्थाओं पर सरकारी नियंत्रण बढ़ा सकते हैं और यदि यह विधेयक मौजूदा स्वरूप में पारित हुआ तो इसका असर भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों पर भी पड़ सकता है।
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