Explainer: क्या जांघ की लंबाई से पता चल सकता है डायबिटीज का खतरा? जानिए MEDWACS टेस्ट कैसे काम करता है


 डायबिटीज का खतरा पहचानने के लिए आमतौर पर ब्लड शुगर, HbA1c, वजन, कमर की चौड़ाई और परिवार में डायबिटीज के इतिहास जैसी चीजों को देखा जाता है। लेकिन हाल ही में शरीर की बनावट से जुड़े कुछ संकेतों को लेकर भी चर्चा बढ़ी है। इनमें जांघ या पैर की लंबाई और डायबिटीज के जोखिम के बीच संबंध भी शामिल है।

कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि पैर की लंबाई और टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम के बीच संबंध हो सकता है। एक अध्ययन में अधिक लंबी फीमर यानी जांघ की हड्डी को कम डायबिटीज जोखिम से जोड़ा गया था। हालांकि, ऐसे अध्ययन किसी व्यक्ति की जांघ की लंबाई देखकर यह तय नहीं करते कि उसे डायबिटीज है या नहीं।

जांघ की लंबाई और डायबिटीज का क्या कनेक्शन है?

शोधकर्ताओं ने शरीर की लंबाई, पैर की लंबाई और शरीर में वसा के वितरण जैसे कारकों को डायबिटीज के जोखिम से जोड़कर देखा है। वहीं कुछ अध्ययनों में छोटी जांघ की परिधि यानी thigh circumference को भी डायबिटीज के अधिक जोखिम से जोड़ा गया है। एक बड़े अध्ययन में छोटी जांघ की परिधि वाले लोगों में डायबिटीज का जोखिम अधिक पाया गया।

इसका संभावित कारण शरीर में मांसपेशियों और वसा के वितरण से जुड़ा हो सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि केवल जांघ छोटी होने से किसी व्यक्ति को डायबिटीज हो जाएगी।

MEDWACS टेस्ट क्या है?

MEDWACS को एक ऐसे आसान तरीके के रूप में बताया जा रहा है, जिसमें शरीर के कुछ मापों का इस्तेमाल करके डायबिटीज या प्रीडायबिटीज के जोखिम का अनुमान लगाने की कोशिश की जाती है। इसका फायदा यह हो सकता है कि व्यक्ति बिना किसी जटिल उपकरण के शुरुआती स्तर पर अपने जोखिम को लेकर जागरूक हो सके।

लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। घर पर किया जाने वाला ऐसा माप डायबिटीज की पुष्टि नहीं करता। डायबिटीज का पता लगाने के लिए ब्लड ग्लूकोज और HbA1c जैसे मान्य मेडिकल टेस्ट जरूरी होते हैं।

क्या सिर्फ जांघ की लंबाई देखकर डायबिटीज का पता लगा सकते हैं?

नहीं। जांघ या पैर की लंबाई को अधिकतम एक संभावित रिस्क इंडिकेटर के तौर पर देखा जाना चाहिए। किसी व्यक्ति की उम्र, वजन, कमर की चौड़ाई, शारीरिक गतिविधि, खान-पान, परिवार का इतिहास और ब्लड शुगर जैसे कई कारक डायबिटीज के जोखिम को प्रभावित करते हैं।

इसलिए अगर किसी व्यक्ति की जांघ अपेक्षाकृत छोटी है तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। इसी तरह लंबी जांघ होने का मतलब यह भी नहीं है कि व्यक्ति को भविष्य में डायबिटीज नहीं हो सकती।

सही जांच के लिए क्या करें?

अगर आपको डायबिटीज का खतरा है या लंबे समय से शुगर की जांच नहीं हुई है तो डॉक्टर की सलाह से फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज और HbA1c जैसे टेस्ट कराना ज्यादा भरोसेमंद तरीका है। शरीर के किसी एक हिस्से का माप इन मेडिकल टेस्ट का विकल्प नहीं है।

कुल मिलाकर, जांघ या पैर की लंबाई और डायबिटीज के बीच संबंध पर शोध जरूर हुआ है, लेकिन इसे बीमारी की सीधी जांच समझना सही नहीं होगा। ऐसे संकेत केवल शुरुआती जोखिम का अंदाजा लगाने में मदद कर सकते हैं, जबकि डायबिटीज की पुष्टि के लिए मान्य रक्त जांच जरूरी रहती है।

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