ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य समेत कुल 39 पदक अपने नाम किए। पदकों की संख्या पिछले कुछ राष्ट्रमंडल खेलों की तुलना में भले ही कम रही हो, लेकिन इस बार की उपलब्धि कई मायनों में बेहद खास मानी जा रही है।
दरअसल, इस संस्करण में भारत के पारंपरिक रूप से मजबूत माने जाने वाले शूटिंग, कुश्ती समेत नौ प्रमुख खेल प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थे। इन खेलों में भारत हर बार बड़ी संख्या में पदक जीतता रहा है। ऐसे में इनके बाहर होने से भारतीय दल के सामने पदकों की संख्या बनाए रखना बड़ी चुनौती थी।
इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने उपलब्ध खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन किया और देश को 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदकों के साथ कुल 39 पदक दिलाए। इस प्रदर्शन के दम पर भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा, जो टीम के संतुलित और मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।
इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने पारंपरिक खेलों के अलावा अन्य स्पर्धाओं में भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। युवा खिलाड़ियों ने कई मुकाबलों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दिए, जबकि अनुभवी खिलाड़ियों ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शूटिंग, कुश्ती और भारत के लिए पदक दिलाने वाले अन्य खेल भी प्रतियोगिता का हिस्सा होते, तो भारत का पदक आंकड़ा कहीं अधिक हो सकता था। इसके बावजूद सीमित अवसरों में 39 पदक जीतना भारतीय दल की गहराई और बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।
यही कारण है कि ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 का यह अभियान भारत के सबसे यादगार अभियानों में गिना जा रहा है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चौथा स्थान हासिल करना इस बात का संकेत है कि भारतीय खेल अब कुछ चुनिंदा स्पर्धाओं तक सीमित नहीं रहे, बल्कि कई नए खेलों में भी देश लगातार अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
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