कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ को लेकर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। खरगे ने सरकार से नेपाल की मौजूदा स्थिति को गंभीरता से लेते हुए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के इस मुश्किल समय में भारत को अपने पड़ोसी देश के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।
नेपाल के कई इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण जनजीवन प्रभावित होने की खबरों के बीच खरगे ने राहत और बचाव कार्यों को तेज करने की जरूरत पर जोर दिया है।
नेपाल को हरसंभव मदद देने की मांग
खरगे ने अपने पत्र में केंद्र सरकार से नेपाल को मानवीय आधार पर हरसंभव सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। ऐसे में आपदा के समय भारत की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
उन्होंने सरकार से राहत सामग्री, बचाव दल और आवश्यक संसाधनों के जरिए नेपाल की मदद करने की अपील की। साथ ही प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने की जरूरत बताई।
राहत और बचाव अभियान तेज करने पर जोर
कांग्रेस अध्यक्ष ने राहत एवं बचाव अभियान को प्राथमिकता देने की बात कही। उनका कहना है कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में समय पर मदद पहुंचाना बेहद जरूरी होता है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ भोजन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
खरगे ने केंद्र सरकार से नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की।
भारत-नेपाल संबंधों का दिया हवाला
खरगे ने अपने पत्र में भारत और नेपाल के बीच मजबूत पड़ोसी संबंधों का भी उल्लेख किया। दोनों देशों के बीच लंबे समय से लोगों के स्तर पर गहरे रिश्ते रहे हैं। ऐसे में प्राकृतिक आपदा के समय मानवीय सहायता दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत कर सकती है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए तेजी से जरूरी कदम उठाएगी और राहत एवं बचाव अभियान में पूरा सहयोग करेगी।
आपदा के समय एकजुटता का संदेश
नेपाल में बाढ़ के बीच खरगे का यह पत्र केंद्र सरकार से मानवीय आधार पर तत्काल सहायता बढ़ाने की अपील के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मुश्किल समय में भारत को अपने पड़ोसियों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।

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