सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह कौन सा है? आमतौर पर इसका जवाब बुध माना जाता है, क्योंकि वह सूर्य के सबसे करीब है। लेकिन वास्तव में शुक्र यानी Venus सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह है। इसकी सतह का औसत तापमान करीब 465 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। सवाल यह है कि सूर्य के सबसे करीब न होने के बावजूद शुक्र इतना गर्म कैसे हो गया?
इसका सबसे बड़ा कारण शुक्र का बेहद घना वायुमंडल है। शुक्र के वातावरण में मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड मौजूद है। यह गैस सूर्य की गर्मी को ग्रह के वायुमंडल में फंसा लेती है और उसे आसानी से अंतरिक्ष में वापस नहीं जाने देती। इस प्रक्रिया को ग्रीनहाउस प्रभाव कहा जाता है। शुक्र पर यह प्रभाव इतना शक्तिशाली है कि वहां का तापमान लगातार बेहद अधिक बना रहता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, शुक्र हमेशा से इतना गर्म और शुष्क नहीं रहा होगा। कुछ अध्ययनों और वैज्ञानिक मॉडलों में यह संभावना जताई गई है कि अरबों वर्ष पहले शुक्र पर पानी मौजूद हो सकता था और उसकी सतह पर महासागर जैसे बड़े जल स्रोत भी रहे होंगे। उस समय शुक्र का वातावरण आज की तुलना में काफी अलग रहा होगा।
लेकिन समय के साथ सूर्य की बढ़ती चमक और गर्मी ने शुक्र के वातावरण को प्रभावित किया। तापमान बढ़ने पर सतह का पानी तेजी से वाष्पित होने लगा। जलवाष्प भी एक ग्रीनहाउस गैस है, जिससे गर्मी और अधिक बढ़ती गई। इसे वैज्ञानिक एक तरह की रनअवे ग्रीनहाउस प्रक्रिया मानते हैं, जिसमें तापमान बढ़ने के साथ पानी का वाष्पीकरण तेज हुआ और वातावरण ने अधिक गर्मी रोकनी शुरू कर दी।
धीरे-धीरे शुक्र का अधिकांश पानी खत्म हो गया। सूर्य की पराबैंगनी किरणों ने ऊपरी वायुमंडल में मौजूद जलवाष्प को तोड़ा और हल्के हाइड्रोजन को अंतरिक्ष में निकलने में मदद मिली। इसके बाद ग्रह पर कार्बन डाइऑक्साइड से भरा अत्यधिक घना वातावरण बन गया।
आज शुक्र का वायुमंडलीय दबाव भी पृथ्वी की तुलना में कई गुना अधिक है। उसके ऊपर सल्फ्यूरिक एसिड के घने बादल मौजूद हैं, जबकि सतह का वातावरण बेहद गर्म और दबाव वाला है। यही वजह है कि शुक्र की सतह पर किसी अंतरिक्ष यान को लंबे समय तक काम करना बेहद मुश्किल होता है।
दिलचस्प बात यह है कि बुध सूर्य के ज्यादा करीब है, फिर भी उसके पास शुक्र जैसा घना वातावरण नहीं है। इसलिए बुध की सतह दिन में बहुत गर्म जरूर होती है, लेकिन शुक्र की तरह गर्मी को लगातार फंसाकर रखने वाला शक्तिशाली ग्रीनहाउस प्रभाव वहां नहीं है।
कुल मिलाकर, शुक्र का उदाहरण बताता है कि किसी ग्रह का तापमान केवल सूर्य से उसकी दूरी पर निर्भर नहीं करता। उसका वायुमंडल और उसमें मौजूद गैसें भी तापमान तय करने में बड़ी भूमिका निभाती हैं। कभी पानी और महासागरों वाला रहा संभावित ग्रह आज एक ऐसे तपते संसार में बदल चुका है, जहां ग्रीनहाउस प्रभाव ने उसे सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह बना दिया है।
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