ट्रंप ने ईरान पर 'विश्व युद्ध जैसा' हमला क्यों नहीं किया? खुद किया बड़ा खुलासा


 अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है, लेकिन हाल के दिनों में सैन्य टकराव और कूटनीतिक प्रयास दोनों साथ-साथ चलते दिखाई दिए हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान पर एक बेहद बड़े सैन्य हमले की योजना को अंतिम समय में रोक दिया। ट्रंप के अनुसार, यह हमला इतना व्यापक होता कि उसे "द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा हमला" कहा जा सकता था।

ट्रंप ने कहा कि हमले की तैयारी पूरी हो चुकी थी, लेकिन इसी दौरान ईरान की ओर से बातचीत की इच्छा जताई गई। उनके मुताबिक, ईरानी पक्ष और क्षेत्र के कुछ देशों ने तनाव कम करने तथा कूटनीतिक समाधान तलाशने का आग्रह किया। इसी कारण उन्होंने सैन्य कार्रवाई को फिलहाल टालने का फैसला किया ताकि वार्ता को एक मौका दिया जा सके।

रिपोर्टों के अनुसार, इस फैसले के पीछे केवल ईरान का संदेश ही नहीं, बल्कि खाड़ी क्षेत्र के कई सहयोगी देशों की चिंता भी एक बड़ा कारण रही। सऊदी अरब, कतर और ओमान जैसे देशों ने कथित तौर पर अमेरिका से संयम बरतने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की। इन देशों को आशंका थी कि बड़े सैन्य हमले की स्थिति में पूरा पश्चिम एशिया एक व्यापक संघर्ष की चपेट में आ सकता है।

हालांकि, ट्रंप के दावे पर ईरान का रुख अलग है। तेहरान ने सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार नहीं किया कि दोनों देशों के बीच औपचारिक वार्ता दोबारा शुरू हो गई है। ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप के कुछ दावों से असहमति जताई है, जिससे दोनों पक्षों के बयानों में अंतर साफ दिखाई देता है।

विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान उनकी "दबाव और बातचीत" (Pressure and Negotiation) रणनीति का हिस्सा हो सकता है। एक ओर उन्होंने बड़े सैन्य हमले की चेतावनी देकर दबाव बनाया, वहीं दूसरी ओर बातचीत की संभावना बनते ही कार्रवाई रोकने का दावा किया। इससे यह संदेश देने की कोशिश भी मानी जा रही है कि अमेरिका सैन्य विकल्प तैयार रखते हुए भी कूटनीतिक समाधान को अवसर देना चाहता है।

फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी बरकरार है और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर कई विवाद अभी भी बने हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि वार्ता आगे बढ़ती है या दोनों देशों के रिश्ते फिर से टकराव की ओर बढ़ते हैं।

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