घंटों मोबाइल-लैपटॉप चलाते हैं? सिरदर्द के साथ इन दिक्कतों का भी बढ़ सकता है खतरा, डॉक्टर ने चेताया


 आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप और अन्य स्क्रीन का इस्तेमाल हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गया है। लेकिन लगातार कई घंटों तक स्क्रीन पर नजरें टिकाए रखने से आंखों और दिमाग पर असर पड़ सकता है। लंबे समय तक फोन या लैपटॉप इस्तेमाल करने के बाद सिरदर्द होना आम समस्या है, लेकिन इसके साथ आंखों में दर्द, थकान और नींद से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं।

लंबे समय तक स्क्रीन देखने से सिरदर्द क्यों होता है?

स्क्रीन को लगातार देखने पर आंखों को बार-बार फोकस करना पड़ता है। छोटे अक्षर, तेज रोशनी, स्क्रीन की चमक और लंबे समय तक बिना ब्रेक काम करने से आंखों पर दबाव बढ़ सकता है। इसे आमतौर पर डिजिटल आई स्ट्रेन से जोड़ा जाता है।

स्क्रीन देखते समय लोग सामान्य से कम पलकें झपकाते हैं, जिससे आंखों में सूखापन, जलन और भारीपन महसूस हो सकता है। यही परेशानी कई बार सिरदर्द का कारण भी बन सकती है।

सिरदर्द के साथ हो सकती हैं ये दिक्कतें

लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करने से सिर्फ सिरदर्द ही नहीं, बल्कि कई अन्य समस्याएं भी महसूस हो सकती हैं। इनमें शामिल हैं—

  • आंखों में सूखापन और जलन
  • आंखों में दर्द या भारीपन
  • धुंधला दिखाई देना
  • गर्दन और कंधों में दर्द
  • आंखों की थकान
  • नींद के पैटर्न में गड़बड़ी

विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार स्क्रीन देखने और गलत पोस्चर में बैठने से गर्दन व कंधों की मांसपेशियों पर भी दबाव पड़ सकता है। यह तनाव सिरदर्द को और बढ़ा सकता है।

स्क्रीन से होने वाली परेशानी से कैसे बचें?

स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय नियमित ब्रेक लेना जरूरी है। इसके लिए 20-20-20 नियम अपनाया जा सकता है। हर 20 मिनट बाद करीब 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें। इससे आंखों को कुछ आराम मिल सकता है।

इसके अलावा स्क्रीन की ब्राइटनेस आसपास की रोशनी के अनुसार रखें, मोबाइल या लैपटॉप को आंखों से उचित दूरी पर रखें और लगातार कई घंटों तक बिना ब्रेक स्क्रीन देखने से बचें। काम करते समय सही पोस्चर बनाए रखना भी जरूरी है।

कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?

अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है, बहुत तेज है या स्क्रीन से दूर रहने के बाद भी ठीक नहीं होता, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सिरदर्द के साथ लगातार धुंधला दिखना, चक्कर आना, उल्टी या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हों तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

स्क्रीन से पूरी तरह दूरी बनाना संभव नहीं है, लेकिन संतुलित इस्तेमाल, नियमित ब्रेक और आंखों की देखभाल से डिजिटल आई स्ट्रेन और उससे जुड़ी परेशानियों के खतरे को कम किया जा सकता है।

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