कन्नौज के तिर्वा स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में गुरुवार को छात्रों का सब्र जवाब दे गया। 2025-26 सत्र की छात्रवृत्ति पिछले करीब 5 महीने से न मिलने से नाराज सैकड़ों छात्र-छात्राएं कॉलेज गेट पर धरने पर बैठ गए और समाज कल्याण विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
छात्रों का आरोप है कि वे इस मामले को लेकर ADM, DM और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को 20 से ज्यादा बार लिखित शिकायत दे चुके हैं, बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्रवृत्ति न मिलने से उन्हें फीस भरने और रोज़मर्रा के खर्च में भारी दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
सूचना मिलते ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को जल्द समाधान का भरोसा दिया, लेकिन छात्र सिर्फ मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने साफ कहा — जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, धरना जारी रहेगा।
इसी बीच समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण जी का बयान भी सामने आया। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति से कोई भी पात्र छात्र वंचित नहीं रहेगा। मंत्री जी के मुताबिक 1 सितंबर से पोर्टल दोबारा खोला जाएगा, जिससे पिछले साल छूटे हुए छात्रों को भी आवेदन का मौका मिलेगा।
दरअसल यह सिर्फ कन्नौज की नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश की समस्या है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तकनीकी कारणों से छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए 3 लाख 16 हज़ार से ज्यादा पात्र छात्रों को एक और मौका दिया जा रहा है। मंत्री के लिखित निर्देशों के मुताबिक, भुगतान की प्रक्रिया 29 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच पूरी कर दी जाएगी और राशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
इसी भरोसे के बाद कन्नौज में छात्रों का धरना शांत हुआ। हालांकि सवाल अब भी वही है — क्या 2 अक्टूबर की डेडलाइन इस बार वाकई पूरी होगी?
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