एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम का ऐलान कर दिया गया है। इस बार 72 खिलाड़ियों की टीम में महिला खिलाड़ियों की संख्या पुरुषों से अधिक है। टीम में कुल 38 महिला और 34 पुरुष एथलीट शामिल किए गए हैं। भारतीय एथलेटिक्स दल में बड़ी संख्या में बेटियों की मौजूदगी को देश के खेल जगत के लिए अहम माना जा रहा है।
भारतीय टीम में ट्रैक एंड फील्ड की विभिन्न स्पर्धाओं के खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। चयन प्रक्रिया के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन और तय मानकों को ध्यान में रखा गया। एशियाई खेलों में भारतीय एथलीटों से बेहतर प्रदर्शन और पदक जीतने की उम्मीद की जा रही है।
हालांकि, टीम चयन में कुछ नामों के बाहर रहने से चर्चा भी शुरू हो गई है। राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीत चुके यशवीर सिंह और सेल्वाप्रभु को इस बार एशियाई खेलों की एथलेटिक्स टीम में जगह नहीं मिली है। दोनों खिलाड़ियों का नाम टीम से बाहर रहने के बाद खेल प्रेमियों के बीच चयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
38 महिला खिलाड़ियों का चयन भारतीय एथलेटिक्स में बढ़ती महिला भागीदारी और मजबूत प्रदर्शन की ओर इशारा करता है। हाल के वर्षों में भारतीय महिला एथलीटों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए कई पदक जीते हैं। ऐसे में एशियाई खेलों में भी महिला खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें रहेंगी।
एशियाई खेल भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच हैं। एथलेटिक्स में पदक जीतने के लिए भारतीय खिलाड़ियों को एशिया के कई मजबूत देशों के एथलीटों से कड़ी चुनौती मिलेगी। टीम में शामिल खिलाड़ियों के सामने अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन को बेहतर बनाने के साथ देश के लिए पदक जीतने की जिम्मेदारी होगी।
भारतीय एथलेटिक्स टीम की घोषणा के बाद अब खिलाड़ियों की तैयारियों पर सभी की नजर रहेगी। 72 सदस्यीय टीम में 38 महिला खिलाड़ियों का शामिल होना इस बार के दल की खास बात है। वहीं, यशवीर सिंह और सेल्वाप्रभु जैसे राष्ट्रमंडल खेल पदक विजेताओं का टीम में जगह न बना पाना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि भारतीय एथलेटिक्स दल एशियाई खेलों में कैसा प्रदर्शन करता है और देश की झोली में कितने पदक डालता है।
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