रक्षाबंधन के त्योहार से पहले वाराणसी की मशहूर गुलाबी मीनाकारी राखियों की मांग देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी तेजी से बढ़ी है। बनारस की पारंपरिक कारीगरी से तैयार इन खास राखियों को अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और स्पेन समेत कई देशों में पसंद किया जा रहा है। विदेशी बाजारों से मिल रहे ऑर्डर ने कारीगरों और कारोबारियों के चेहरे पर भी खुशी ला दी है।
1500 से 10 हजार रुपये तक कीमत
वाराणसी में गुलाबी मीनाकारी डिजाइन पर आधारित चांदी की राखियां इस बार 1,500 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं। राखियों की कीमत उनके डिजाइन, वजन और उनमें किए गए बारीक काम के आधार पर तय होती है। खास डिजाइन और ज्यादा मेहनत से तैयार की गई राखियों की कीमत सामान्य राखियों की तुलना में काफी अधिक है।
विदेशों से मिल रहे ऑर्डर
बनारसी गुलाबी मीनाकारी की लोकप्रियता अब भारत की सीमाओं से बाहर भी पहुंच चुकी है। कारोबारियों के मुताबिक अमेरिका के कैलिफोर्निया और फ्लोरिडा के अलावा ऑस्ट्रेलिया और स्पेन से भी इन राखियों के ऑर्डर मिले हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीय और एनआरआई समुदाय के बीच इस पारंपरिक हस्तशिल्प को लेकर खास आकर्षण देखने को मिल रहा है।
गुलाबी मीनाकारी वाराणसी की प्रसिद्ध हस्तशिल्प परंपराओं में शामिल है। चांदी पर बेहद बारीकी से नक्काशी करने के बाद उसमें रंगीन मीनाकारी का काम किया जाता है। इसकी खूबसूरती और पारंपरिक डिजाइन इसे सामान्य राखियों से अलग बनाते हैं।
एक सीजन में 10 करोड़ रुपये का कारोबार
कारीगरों और कारोबारियों के अनुसार, गुलाबी मीनाकारी राखियों का कारोबार एक सीजन में करीब 10 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। रक्षाबंधन से लगभग एक महीने पहले ही कारीगर इन राखियों को तैयार करने में जुट जाते हैं। एक बारीक डिजाइन वाली राखी को तैयार करने में करीब पांच से छह घंटे तक का समय लग सकता है।
कारीगर पहले चांदी की राखी तैयार करते हैं और इसके बाद उस पर नक्काशी तथा मीनाकारी का बारीक काम किया जाता है। यही हाथ से किया गया काम इन राखियों को खास और महंगा बनाता है।
सोने-चांदी की राखियों का भी क्रेज
इस बार बाजार में गुलाबी मीनाकारी के साथ सोने और चांदी की राखियों की भी मांग देखी जा रही है। वाराणसी के सराफा बाजार में अलग-अलग वजन और डिजाइन की राखियां उपलब्ध हैं। चांदी की राखियों में पांच ग्राम वजन वाली राखी की कीमत करीब 1,500 रुपये से शुरू होती है, जबकि 100 ग्राम तक की राखियों की कीमत 20 से 25 हजार रुपये तक बताई गई है। वहीं, करीब 300 मिलीग्राम की नौ कैरेट सोने की राखी 3,500 से 4,000 रुपये तक में मिल रही है।
इस तरह रक्षाबंधन का त्योहार वाराणसी के पारंपरिक हस्तशिल्प कारोबार के लिए भी खास साबित हो रहा है। गुलाबी मीनाकारी राखियों की बढ़ती विदेशी मांग ने बनारस की सदियों पुरानी कारीगरी को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाई है।

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