WhatsApp Business पर फ्री में नहीं चला सकेंगे AI? मेटा ने बदले नियम, जानें कब से लगेगा शुल्क और किसे देना होगा पैसा


 मेटा ने WhatsApp Business Platform पर AI सेवाओं को लेकर अपनी नीति में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब AI प्रोवाइडर्स के लिए अलग प्राइसिंग मॉडल लागू किया जा रहा है। हालांकि, इसका असर सीधे आम WhatsApp या छोटे कारोबारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले WhatsApp Business App पर नहीं पड़ेगा। यह बदलाव मुख्य रूप से WhatsApp Business Platform (Cloud API) का उपयोग करने वाली कंपनियों और AI सेवा प्रदाताओं पर लागू होगा।

कब से लागू होंगे नए नियम?

मेटा के अनुसार, AI प्रोवाइडर्स के लिए नई प्राइसिंग पॉलिसी 13 मई 2026 से प्रभावी हो चुकी है। इसके तहत AI आधारित बिजनेस मैसेजिंग के लिए अलग बिलिंग व्यवस्था लागू की गई है।

किसे देना होगा शुल्क?

  • WhatsApp Business Platform (API) का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों और AI प्रोवाइडर्स को।
  • AI चैटबॉट या ऑटोमेटेड बिजनेस सर्विस चलाने वाले एंटरप्राइज ग्राहकों को।
  • सामान्य WhatsApp यूजर्स और WhatsApp Business App इस्तेमाल करने वाले छोटे व्यापारियों पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा।

कितना देना होगा?

मेटा ने सभी मामलों के लिए एक समान शुल्क तय नहीं किया है। शुल्क का निर्धारण उपयोग (Usage), मैसेज की संख्या, AI सेवाओं के प्रकार और बिजनेस अकाउंट के आधार पर होगा। यानी अलग-अलग AI प्रोवाइडर्स और बिजनेस ग्राहकों के लिए लागत अलग हो सकती है।

बदलाव क्यों किया गया?

मेटा का कहना है कि नए नियमों का उद्देश्य AI सेवाओं के व्यावसायिक उपयोग के लिए स्पष्ट बिलिंग व्यवस्था तैयार करना और प्लेटफॉर्म के उपयोग को बेहतर ढंग से प्रबंधित करना है। इसी बीच, यूरोपीय संघ (EU) ने प्रतिस्पर्धा से जुड़े मुद्दों पर मेटा की AI एक्सेस नीति की जांच भी शुरू की है।

कुल मिलाकर, यदि आप सामान्य WhatsApp या WhatsApp Business App का उपयोग करते हैं, तो आपको फिलहाल AI इस्तेमाल करने के लिए अलग से शुल्क नहीं देना होगा। लेकिन जो कंपनियां WhatsApp Business Platform के जरिए AI चैटबॉट और ऑटोमेशन सेवाएं चलाती हैं, उनके लिए नई प्राइसिंग व्यवस्था लागू हो चुकी है।

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