1 जुलाई 2026 से देशभर में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G Act लागू हो गया है। इसके साथ ही लगभग दो दशक पुराने मनरेगा (MGNREGA) कानून की जगह अब नई ग्रामीण रोजगार व्यवस्था लागू हो गई है। नए कानून में रोजगार के दिनों से लेकर मजदूरी, भुगतान और जॉब कार्ड तक कई अहम बदलाव किए गए हैं। आइए जानते हैं इससे जुड़े हर जरूरी सवाल का जवाब।
1. अब कितने दिन मिलेगा रोजगार?
नई व्यवस्था के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों तक अकुशल मजदूरी वाले रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
2. कितनी मिलेगी मजदूरी?
केंद्र सरकार ने नई योजना के साथ राज्यों के लिए संशोधित मजदूरी दरें भी अधिसूचित की हैं। नए नियम के अनुसार किसी भी राज्य में न्यूनतम दैनिक मजदूरी 300 रुपये से कम नहीं होगी, जबकि अलग-अलग राज्यों में यह दर अधिक हो सकती है। अंतिम मजदूरी राज्यवार अधिसूचना के अनुसार तय होगी।
3. पुराने जॉब कार्ड का क्या होगा?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नए जॉब कार्ड बनवाने होंगे? जवाब है नहीं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा के मौजूदा जॉब कार्ड फिलहाल मान्य रहेंगे। संक्रमण अवधि के दौरान इन्हीं कार्डों के जरिए काम मिलता रहेगा। बाद में जरूरत पड़ने पर इन्हें चरणबद्ध तरीके से अपडेट या डिजिटल किया जा सकता है।
4. मजदूरी का भुगतान कैसे होगा?
मजदूरी पहले की तरह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से श्रमिकों के बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाएगी। भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। देरी होने पर मुआवजे का भी प्रावधान रखा गया है।
5. क्या आवेदन की प्रक्रिया बदलेगी?
रोजगार के लिए आवेदन ग्राम पंचायत के माध्यम से ही होगा। हालांकि नई योजना में डिजिटल रिकॉर्ड, ऑनलाइन निगरानी और कार्यों की ट्रैकिंग को अधिक महत्व दिया गया है, ताकि पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
6. नए कानून का मकसद क्या है?
सरकार के अनुसार VB-G RAM G का उद्देश्य केवल मजदूरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार, कौशल विकास, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण और आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इसके जरिए रोजगार गारंटी को ग्रामीण विकास से जोड़ने की कोशिश की गई है।
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