पीएफ यूजर्स हो जाएं सावधान! UMANG और EPFO के नाम पर चल रहे फर्जी ऐप, ऐसे करें असली-नकली की पहचान


 कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और UMANG ऐप का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों पीएफ खाताधारकों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। साइबर ठग EPFO और UMANG के नाम से फर्जी मोबाइल ऐप बनाकर लोगों की निजी और बैंकिंग जानकारी चुराने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में यूजर्स को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

कैसे काम करते हैं फर्जी ऐप?

जालसाज असली ऐप की तरह दिखने वाले नकली ऐप तैयार करते हैं। इन ऐप्स के जरिए यूजर्स से UAN नंबर, पासवर्ड, आधार, पैन और OTP जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है। एक बार जानकारी मिल जाने पर साइबर अपराधी खाते तक पहुंच बनाने या वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दे सकते हैं।

असली और नकली ऐप की पहचान कैसे करें?

1. डेवलपर का नाम जरूर जांचें
ऐप डाउनलोड करने से पहले देखें कि उसे किस संस्था ने प्रकाशित किया है। आधिकारिक UMANG ऐप सरकारी संस्था द्वारा जारी किया जाता है।

2. डाउनलोड संख्या और रिव्यू देखें
फर्जी ऐप्स में अक्सर कम डाउनलोड, खराब रेटिंग और संदिग्ध समीक्षाएं होती हैं।

3. अनावश्यक अनुमति मांगने पर सतर्क रहें
यदि कोई ऐप कॉन्टैक्ट, गैलरी, मैसेज या अन्य अनावश्यक एक्सेस मांग रहा है, तो सावधान हो जाएं।

4. केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म से डाउनलोड करें
हमेशा Google Play Store या Apple App Store जैसे विश्वसनीय स्रोतों से ही ऐप डाउनलोड करें।

5. OTP और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें
EPFO या कोई सरकारी संस्था कभी भी फोन, मैसेज या ईमेल के जरिए OTP और पासवर्ड नहीं मांगती।

अगर गलती से फर्जी ऐप डाउनलोड हो जाए तो क्या करें?

  • तुरंत ऐप को अनइंस्टॉल करें।
  • EPFO और संबंधित खातों के पासवर्ड बदलें।
  • बैंक खाते पर नजर रखें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत बैंक को सूचित करें।
  • साइबर धोखाधड़ी की शिकायत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक साइबर पोर्टल पर दर्ज करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए पीएफ यूजर्स को किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच जरूर करनी चाहिए। थोड़ी-सी सावधानी आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकती है।

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