Supreme Court: NEET पेपर लीक के बाद सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और NTA से मांगा विस्तृत जवाब


 नीट-यूजी पेपर लीक मामले के बाद देश की परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए पूछा है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए अब तक कौन-कौन से ठोस कदम उठाए गए हैं और इन्हें स्थायी व्यवस्था का हिस्सा कैसे बनाया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल अस्थायी उपाय पर्याप्त नहीं हैं। अदालत ने कहा कि देशभर में लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं के लिए मजबूत, पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्था जरूरी है। इसलिए सरकार और एनटीए को यह बताना होगा कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-से स्थायी सुधार लागू किए जा रहे हैं।

अदालत ने अपने निर्देश में परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण पर जानकारी मांगी है। इसमें प्रश्नपत्र तैयार करने, प्रिंटिंग, सुरक्षित परिवहन, परीक्षा केंद्रों तक वितरण, डिजिटल सुरक्षा, डेटा संरक्षण और परीक्षा के संचालन के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपाय शामिल हैं। साथ ही, कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि किसी भी अनियमितता की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के लिए क्या तंत्र विकसित किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और एनटीए से यह भी पूछा है कि विशेषज्ञ समितियों द्वारा दी गई सिफारिशों में से किन सुझावों को लागू किया गया है और किन पर अभी काम चल रहा है। अदालत ने सुधारों के क्रियान्वयन की समय-सीमा और उनकी निगरानी की व्यवस्था पर भी विस्तृत जानकारी देने को कहा है।

शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहने चाहिए। ऐसे कदम उठाए जाएं जो भविष्य में होने वाली अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में भी लागू किए जा सकें, ताकि पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता मजबूत हो।

नीट-यूजी पेपर लीक मामले के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में बदलाव के लिए कई कदमों की घोषणा की थी। इनमें तकनीकी निगरानी बढ़ाना, सुरक्षा प्रोटोकॉल मजबूत करना, परीक्षा केंद्रों की निगरानी सख्त करना और संवेदनशील प्रक्रियाओं में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय शामिल हैं। अब सुप्रीम कोर्ट इन सभी उपायों की वास्तविक प्रगति और प्रभावशीलता का ब्यौरा चाहता है।

इस मामले की अगली सुनवाई में केंद्र सरकार और एनटीए को अपना विस्तृत हलफनामा पेश करना होगा। इसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि अब तक किए गए सुधार पर्याप्त हैं या परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के लिए अतिरिक्त निर्देश जारी करने की आवश्यकता है।

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