Sonam Wangchuk: भूख हड़ताल के बाद अचानक खाना पड़ सकता है भारी, जानिए रीफीडिंग सिंड्रोम क्या है और कैसे करें बचाव


 लंबे समय तक भूख हड़ताल या उपवास के बाद अचानक सामान्य भोजन शुरू करना शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में रीफीडिंग सिंड्रोम (Refeeding Syndrome) का खतरा बढ़ जाता है। यह एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति है, जिसमें लंबे समय तक पर्याप्त पोषण न मिलने के बाद अचानक भोजन शुरू करने पर शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स और मेटाबॉलिज्म का संतुलन बिगड़ सकता है।

हाल के दिनों में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के संदर्भ में भी यह स्वास्थ्य जोखिम चर्चा में आया है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे उपवास के बाद भोजन दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया हमेशा चिकित्सकीय निगरानी में होनी चाहिए।

क्या है रीफीडिंग सिंड्रोम?

रीफीडिंग सिंड्रोम तब होता है जब लंबे समय तक भूखे रहने के बाद व्यक्ति अचानक अधिक मात्रा में भोजन, खासकर कार्बोहाइड्रेट, लेना शुरू कर देता है। इससे शरीर में इंसुलिन का स्तर तेजी से बढ़ता है और फॉस्फेट, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स का स्तर अचानक गिर सकता है। इसका असर हृदय, मांसपेशियों, नसों और श्वसन तंत्र पर पड़ सकता है।

इसके लक्षण क्या हो सकते हैं?

रीफीडिंग सिंड्रोम के दौरान व्यक्ति को अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, हाथ-पैरों में सूजन, दिल की धड़कन अनियमित होना, भ्रम, चक्कर आना या गंभीर मामलों में दौरे (सीज़र) और हृदय संबंधी जटिलताएं भी हो सकती हैं।

किन लोगों में अधिक खतरा?

  • लंबे समय तक भूख हड़ताल या उपवास करने वाले लोग
  • गंभीर कुपोषण से पीड़ित मरीज
  • एनोरेक्सिया नर्वोसा जैसी खान-पान संबंधी बीमारी वाले लोग
  • लंबे समय तक गंभीर बीमारी या ICU में रहने वाले मरीज
  • अत्यधिक वजन घटने वाले व्यक्ति

कैसे करें बचाव?

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे उपवास के बाद भोजन हमेशा धीरे-धीरे और कम मात्रा से शुरू करना चाहिए। शुरुआत हल्के और आसानी से पचने वाले भोजन से करें। साथ ही शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स, विटामिन (विशेषकर थायमिन) और तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है। यदि व्यक्ति लंबे समय तक भूखा रहा हो, तो भोजन शुरू करने से पहले और बाद में डॉक्टर की निगरानी तथा आवश्यक रक्त जांच कराना बेहतर माना जाता है।

डॉक्टर की सलाह क्यों जरूरी है?

रीफीडिंग सिंड्रोम एक मेडिकल इमरजेंसी बन सकता है। इसलिए लंबे उपवास या भूख हड़ताल के बाद बिना चिकित्सकीय सलाह के अचानक सामान्य या भारी भोजन शुरू नहीं करना चाहिए। सही योजना और डॉक्टर की निगरानी में धीरे-धीरे भोजन शुरू करने से इस गंभीर स्थिति के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ