Shyama Prasad Mookerjee Jayanti: पीएम मोदी बोले- अनुच्छेद 370 हटाना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि


 भारतीय जनसंघ के संस्थापक और प्रखर राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में सबसे बड़ी उपलब्धि है और यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि भी है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था तथा उनका योगदान हमेशा देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक था। उन्होंने भारत को मजबूत और एकजुट बनाने के लिए लगातार संघर्ष किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत उन्हीं आदर्शों पर आगे बढ़ रहा है, जिनके लिए डॉ. मुखर्जी ने अपना जीवन समर्पित किया था।

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें भारत की एकता और अखंडता का महान प्रहरी बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने 'राष्ट्र प्रथम' के सिद्धांत को अपने जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य बनाया और कभी भी अपने विचारों से समझौता नहीं किया। शाह ने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन देशहित, राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक गौरव को समर्पित रहा।

गृह मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अलग संविधान और अलग व्यवस्था का डॉ. मुखर्जी ने हमेशा विरोध किया था। उनका प्रसिद्ध नारा 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे' आज भी उनकी राष्ट्रवादी सोच का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाया जाना डॉ. मुखर्जी के लंबे संघर्ष और संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक निर्णय था।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को हुआ था। वे शिक्षाविद, सांसद और स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री भी रहे। बाद में उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जिसने आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी के वैचारिक आधार को मजबूत किया। उनकी जयंती के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया। देशभर में लोगों ने उनके विचारों और राष्ट्र निर्माण में निभाई गई उनकी भूमिका को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया

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