Postpartum Care: नई मां की देखभाल में न करें ये गलतियां, जानिए पोस्टपार्टम हाइजीन के जरूरी नियम


 बच्चे के जन्म के बाद का समय, जिसे पोस्टपार्टम पीरियड कहा जाता है, मां के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान सही देखभाल और स्वच्छता का ध्यान न रखने पर संक्रमण, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए नई मां की देखभाल में कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

1. व्यक्तिगत स्वच्छता का रखें खास ध्यान

डिलीवरी के बाद कुछ हफ्तों तक ब्लीडिंग (लोशिया) होना सामान्य है। इस दौरान साफ और अच्छी गुणवत्ता वाले सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करें और उन्हें नियमित रूप से बदलते रहें। गुप्तांगों की सफाई गुनगुने पानी से करें और क्षेत्र को सूखा रखें।

2. हाथ धोने की आदत अपनाएं

बच्चे को छूने, स्तनपान कराने या पैड बदलने से पहले और बाद में साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं। इससे मां और बच्चे दोनों को संक्रमण से बचाने में मदद मिलती है।

3. सी-सेक्शन या टांकों की सही देखभाल करें

अगर डिलीवरी सिजेरियन या एपिसियोटॉमी के जरिए हुई है, तो घाव की सफाई और देखभाल डॉक्टर के निर्देशानुसार करें। लालिमा, सूजन, पस या तेज दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

4. पर्याप्त आराम और नींद लें

नई मां अक्सर बच्चे की देखभाल में अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। शरीर को ठीक होने के लिए पर्याप्त आराम की जरूरत होती है। जब भी संभव हो, बच्चे के सोने पर आराम करने की कोशिश करें।

5. संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पिएं

स्तनपान कराने वाली मां को पौष्टिक भोजन, प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और पर्याप्त तरल पदार्थ की जरूरत होती है। इससे शरीर जल्दी रिकवर होता है और दूध उत्पादन में भी मदद मिलती है।

6. इन गलतियों से बचें

  • लंबे समय तक गंदे पैड का इस्तेमाल न करें।
  • डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं न लें।
  • अत्यधिक थकान और तनाव को नजरअंदाज न करें।
  • तेज बुखार, दुर्गंधयुक्त डिस्चार्ज, अत्यधिक रक्तस्राव या गंभीर दर्द होने पर देरी न करें।

कब डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें?

यदि नई मां को तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग, सीने में दर्द, गंभीर उदासी या खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे विचार आएं, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

पोस्टपार्टम समय केवल बच्चे की ही नहीं, बल्कि मां की सेहत के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। सही स्वच्छता, पोषण और आराम नई मां को तेजी से स्वस्थ होने में मदद करते हैं और मां-बच्चे दोनों के बेहतर स्वास्थ्य की नींव रखते हैं।

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