प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा दौरे के दौरान जींद से अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए कहा कि इस क्षेत्र की मुर्रा भैंस का दूध-दही और यहां का प्रसिद्ध घेवर उन्हें आज भी याद है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की संस्कृति, यहां के लोगों का स्नेह और पारंपरिक खान-पान से उनका विशेष जुड़ाव रहा है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर एक नई शुरुआत की। यह ट्रेन जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच संचालित होगी और भारतीय रेलवे के लिए हरित एवं स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली यह ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल है और इससे प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत तेजी से आधुनिक तकनीक और हरित ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश अब केवल तकनीक अपनाने वाला नहीं, बल्कि नई तकनीकों का नेतृत्व करने वाला राष्ट्र बन रहा है। हाइड्रोजन ट्रेन इसका एक बड़ा उदाहरण है, जो भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता को दर्शाती है।
पीएम मोदी ने हरियाणा की विकास यात्रा की भी सराहना की और कहा कि राज्य कृषि, खेल और उद्योग के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रही हैं, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने जींद से जुड़ी पुरानी यादों का जिक्र करते हुए कहा कि जब भी हरियाणा का नाम आता है, उन्हें यहां के लोगों का अपनापन और स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजन याद आ जाते हैं। उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ स्वागत किया।
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत को भारतीय रेलवे के इतिहास में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। यह पहल न केवल आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देगी, बल्कि भारत को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में भी मदद करेगी। प्रधानमंत्री के इस दौरे ने हरियाणा के विकास और देश की हरित ऊर्जा नीति को नई दिशा देने का संदेश दिया।

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