उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई प्राकृतिक बदलाव होने लगते हैं, जिससे विभिन्न बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। 60 वर्ष की आयु पार करने के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच कराना बेहद जरूरी माना जाता है। कई गंभीर बीमारियां शुरुआती चरण में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होती हैं, लेकिन समय पर जांच होने पर उनका पता लगाया जा सकता है और उपचार भी जल्दी शुरू किया जा सकता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ वरिष्ठ नागरिकों को नियमित हेल्थ चेकअप कराने की सलाह देते हैं।
सबसे पहले ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की नियमित जांच करानी चाहिए। बढ़ता रक्तचाप और मधुमेह कई बार लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षण के भी बने रह सकते हैं, लेकिन समय पर पहचान होने से हृदय, किडनी और आंखों से जुड़ी जटिलताओं का जोखिम कम किया जा सकता है। इसके साथ ही कोलेस्ट्रॉल की जांच भी जरूरी है, क्योंकि बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है।
60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए हृदय स्वास्थ्य की जांच भी महत्वपूर्ण होती है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार ईसीजी (ECG), इकोकार्डियोग्राफी या अन्य कार्डियक टेस्ट कराए जा सकते हैं। इसके अलावा किडनी और लिवर की कार्यक्षमता जानने के लिए रक्त जांच कराना भी लाभदायक होता है, खासकर यदि व्यक्ति पहले से किसी बीमारी की दवा ले रहा हो।
महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए हड्डियों की मजबूती की जांच भी आवश्यक मानी जाती है। बढ़ती उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है, जिससे मामूली चोट में भी फ्रैक्चर होने की आशंका रहती है। डॉक्टर की सलाह पर बोन मिनरल डेंसिटी (BMD) टेस्ट कराया जा सकता है। इसके साथ ही आंखों की नियमित जांच, मोतियाबिंद और ग्लूकोमा की स्क्रीनिंग तथा सुनने की क्षमता की जांच भी करानी चाहिए।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए कैंसर की स्क्रीनिंग भी उम्र और जोखिम के आधार पर महत्वपूर्ण हो सकती है। महिलाओं को डॉक्टर की सलाह के अनुसार स्तन और सर्वाइकल कैंसर की जांच करानी चाहिए, जबकि पुरुषों को प्रोस्टेट संबंधी जांच की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके अलावा टीकाकरण, दांतों की जांच और मानसिक स्वास्थ्य का मूल्यांकन भी नियमित स्वास्थ्य देखभाल का हिस्सा होना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि सभी मेडिकल टेस्ट हर व्यक्ति के लिए समान रूप से जरूरी नहीं होते। कौन-सी जांच कब करानी है, यह व्यक्ति की उम्र, पारिवारिक बीमारी के इतिहास, जीवनशैली और मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए 60 वर्ष की आयु के बाद नियमित रूप से डॉक्टर से परामर्श लेकर आवश्यक जांच कराना स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
.jpg)
0 टिप्पणियाँ