भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लागू होने के बाद दोनों देशों के संबंधों में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। इसी बीच एक वरिष्ठ ब्रिटिश अधिकारी ने भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की जमकर सराहना की है। अधिकारी ने उन्हें "दुनिया के बेहतरीन वार्ताकारों में से एक" बताते हुए कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।
ब्रिटिश अधिकारी के अनुसार, पीयूष गोयल ने बातचीत के दौरान भारत के हितों को मजबूती से रखा और साथ ही दोनों देशों के लिए लाभकारी समाधान निकालने में अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा कि जटिल और लंबे समय तक चली वार्ताओं के बावजूद दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग और सकारात्मक दृष्टिकोण के जरिए इस ऐतिहासिक समझौते को सफल बनाया।
भारत और ब्रिटेन के बीच यह मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके तहत भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में अधिक पहुंच मिलेगी, जबकि ब्रिटेन की कई वस्तुओं पर भारत में आयात शुल्क चरणबद्ध तरीके से कम किया जाएगा। इससे व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, आईटी सेवाएं, रत्न एवं आभूषण, कृषि और एमएसएमई सेक्टर को विशेष लाभ मिल सकता है। वहीं, ब्रिटिश कंपनियों के लिए भी भारतीय बाजार में निवेश और कारोबार का दायरा बढ़ने की संभावना है।
पीयूष गोयल ने भी इस समझौते को दोनों देशों के लिए 'विन-विन' करार दिया है। उनका कहना है कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत और ब्रिटेन के बीच रणनीतिक साझेदारी को भी नई मजबूती देगा।
ब्रिटिश अधिकारी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत वैश्विक व्यापार में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है। हाल के वर्षों में भारत ने कई देशों के साथ व्यापारिक समझौतों पर जोर दिया है, जिससे देश के निर्यात को बढ़ावा देने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, भारत-यूके एफटीए को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है और पीयूष गोयल की कूटनीतिक एवं वार्ताकौशल क्षमता की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना भारत की बढ़ती वैश्विक साख को भी दर्शाती है।
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