India-Peru FTA: भारत-पेरू एफटीए फिलहाल नहीं; कनाडा से बातचीत में तेजी, जानिए इस्राइल पर क्या बोले पीयूष गोयल


 केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि भारत और पेरू के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) फिलहाल अंतिम चरण में नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अभी किसी समझौते की घोषणा करना जल्दबाजी होगी। वहीं, कनाडा के साथ एफटीए वार्ता में तेजी आने की बात कहते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश जल्द सकारात्मक प्रगति की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की व्यापार नीति का उद्देश्य ऐसे समझौते करना है, जो देश के उद्योग, किसानों, एमएसएमई और निर्यातकों के हितों की रक्षा करते हुए आर्थिक विकास को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि सरकार केवल उन व्यापार समझौतों पर आगे बढ़ रही है, जो भारत के लिए दीर्घकालिक रूप से लाभकारी साबित हों।

पेरू के साथ प्रस्तावित एफटीए को लेकर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभी भी सहमति बननी बाकी है। सरकार सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार कर रही है ताकि भविष्य में होने वाला कोई भी समझौता भारत के हितों के अनुरूप हो।

वहीं, कनाडा के साथ व्यापार वार्ता पर पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार के साथ एफटीए को लेकर बातचीत ने गति पकड़ी है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती रही तो दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसर खुल सकते हैं। भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग से कृषि, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

इस्राइल को लेकर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अपने सभी रणनीतिक साझेदार देशों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विदेश नीति से जुड़े मामलों पर भारत संतुलित और राष्ट्रीय हितों के अनुरूप निर्णय लेता है। भारत का उद्देश्य वैश्विक शांति, स्थिरता और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है।

पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि भारत लगातार दुनिया के विभिन्न देशों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत कर रहा है। हाल के वर्षों में कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते हुए हैं, जिससे भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिला है और विदेशी निवेश आकर्षित हुआ है। सरकार भविष्य में भी ऐसे समझौतों को प्राथमिकता देगी, जो भारतीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाएं और रोजगार के नए अवसर पैदा करें।

उन्होंने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक विनिर्माण और व्यापार केंद्र के रूप में उभर रहा है। ऐसे में सरकार का फोकस गुणवत्तापूर्ण व्यापार समझौतों, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर पहुंच दिलाने पर है।

कुल मिलाकर, पेरू के साथ एफटीए पर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है, जबकि कनाडा के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। वहीं, इस्राइल पर पीयूष गोयल ने दोहराया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों और संतुलित विदेश नीति के आधार पर वैश्विक साझेदारों के साथ सहयोग को आगे बढ़ाता रहेगा।

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