Gen Z Health: जेन-जी लड़कियों में 10 साल में 70% तक बढ़े डायबिटीज के मामले, आखिर क्या है इसकी वजह?


 पिछले एक दशक में जेन-जी (Gen Z) यानी लगभग 1997 से 2012 के बीच जन्मी युवतियों में डायबिटीज के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। हालिया अध्ययनों के अनुसार, इस आयु वर्ग की लड़कियों में डायबिटीज के मामलों में करीब 70% तक वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे केवल एक कारण नहीं, बल्कि जीवनशैली, खान-पान और स्वास्थ्य से जुड़े कई कारकों का संयुक्त प्रभाव है।

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं मामले?

1. अस्वस्थ खान-पान

फास्ट फूड, पैकेज्ड स्नैक्स, मीठे पेय और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का बढ़ता सेवन मोटापे और इंसुलिन रेजिस्टेंस का जोखिम बढ़ा सकता है, जो टाइप-2 डायबिटीज का प्रमुख कारण है।

2. शारीरिक गतिविधि में कमी

लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और स्क्रीन के सामने बैठना तथा नियमित व्यायाम न करना भी डायबिटीज के बढ़ते मामलों की बड़ी वजह माना जाता है।

3. बढ़ता मोटापा

विशेषज्ञों के अनुसार, युवाओं में बढ़ता मोटापा टाइप-2 डायबिटीज के सबसे बड़े जोखिम कारकों में से एक है। अधिक वजन शरीर की इंसुलिन का प्रभावी ढंग से उपयोग करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।

4. तनाव और खराब नींद

पढ़ाई, करियर और सोशल मीडिया से जुड़ा तनाव, साथ ही पर्याप्त नींद न लेना भी हार्मोनल बदलावों के जरिए ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकता है।

5. पीसीओएस (PCOS) और हार्मोनल बदलाव

युवा महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) की बढ़ती समस्या भी इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज के जोखिम को बढ़ा सकती है।

डायबिटीज के शुरुआती संकेत

  • बार-बार प्यास लगना
  • बार-बार पेशाब आना
  • लगातार थकान
  • अचानक वजन घटना या बढ़ना
  • धुंधला दिखाई देना
  • घाव का देर से भरना
  • बार-बार संक्रमण होना

यदि ये लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए।

कैसे करें बचाव?

  • रोज कम से कम 30–45 मिनट शारीरिक गतिविधि करें।
  • ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त संतुलित आहार लें।
  • मीठे पेय और प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित करें।
  • 7–9 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
  • तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन या अन्य गतिविधियां अपनाएं।
  • यदि परिवार में डायबिटीज का इतिहास है, तो नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।

क्या कम उम्र में भी हो सकती है टाइप-2 डायबिटीज?

पहले टाइप-2 डायबिटीज को मुख्य रूप से मध्यम या अधिक उम्र के लोगों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब बदलती जीवनशैली के कारण यह किशोरों और युवाओं में भी तेजी से देखी जा रही है। इसलिए कम उम्र होने का मतलब यह नहीं है कि डायबिटीज का खतरा नहीं है।

निष्कर्ष

जेन-जी लड़कियों में डायबिटीज के बढ़ते मामले एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता हैं। हालांकि, स्वस्थ खान-पान, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के जरिए इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यदि डायबिटीज के लक्षण दिखाई दें या परिवार में इसका इतिहास हो, तो जल्द जांच कराना और डॉक्टर की सलाह लेना सबसे सुरक्षित कदम है।

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