Ebola Outbreak: इबोला प्रकोप से 400 से अधिक मौतें, WHO ने तेज जांच के लिए नए रैपिड टेस्ट को दी मंजूरी


 अफ्रीकी देशों में फैले इबोला वायरस के प्रकोप ने एक बार फिर वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अब तक इस घातक बीमारी के कारण 400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इबोला की जल्द पहचान के लिए एक नए रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (Rapid Diagnostic Test) को मंजूरी दे दी है। माना जा रहा है कि यह टेस्ट दूर-दराज और संसाधनों की कमी वाले इलाकों में संक्रमित मरीजों की तेजी से पहचान करने में मदद करेगा।

WHO के अनुसार, इबोला एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी है, जिसकी समय पर पहचान और इलाज न होने पर मृत्यु दर काफी अधिक हो सकती है। ऐसे में नया रैपिड टेस्ट संक्रमण की शुरुआती अवस्था में ही मरीजों की पहचान कर स्वास्थ्य अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कदम उठाने में मदद करेगा। इससे संक्रमित व्यक्ति को जल्दी आइसोलेट किया जा सकेगा और संक्रमण के फैलाव पर नियंत्रण पाने में भी सहायता मिलेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि अब तक इबोला की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला आधारित जांच पर निर्भर रहना पड़ता था, जिसमें समय लगता था। लेकिन नए टेस्ट की मदद से कुछ ही समय में प्रारंभिक परिणाम मिल सकेंगे। इससे खासकर ग्रामीण और सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं वाले क्षेत्रों में निगरानी और उपचार की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकेगी।

इबोला वायरस मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खून, शारीरिक तरल पदार्थ या संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से फैलता है। इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में आंतरिक एवं बाहरी रक्तस्राव शामिल हो सकते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

WHO ने प्रभावित देशों से निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच कराने और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की अपील की है। साथ ही लोगों से संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से बचने, स्वच्छता बनाए रखने और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नए रैपिड टेस्ट की मंजूरी इबोला से लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। यदि संक्रमित मरीजों की समय रहते पहचान हो जाती है, तो इलाज शुरू करने और संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने में काफी मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में होने वाली मौतों की संख्या भी कम की जा सकती है।

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