CWG 2026: 2022 में क्रिकेट से भारत ने जीता था रजत पदक, फिर ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स से क्यों बाहर हो गया यह खेल?


 कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में क्रिकेट की वापसी ने खेल प्रेमियों का उत्साह बढ़ा दिया था। बर्मिंघम में पहली बार महिला टी20 क्रिकेट को शामिल किया गया, जिसमें भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता था। लेकिन ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्रिकेट का नाम खेलों की सूची से गायब है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इस बार क्रिकेट को क्यों बाहर कर दिया गया?

2022 में भारत ने जीता था सिल्वर

बर्मिंघम 2022 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया था। खिताबी मुकाबले में उसे ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन भारत ने रजत पदक जीतकर इतिहास रचा था। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट की सफल वापसी मानी गई थी।

फिर 2026 में क्रिकेट क्यों नहीं?

क्रिकेट को लोकप्रियता की कमी के कारण नहीं हटाया गया। इसकी सबसे बड़ी वजह ग्लास्गो 2026 का सीमित और कम लागत वाला आयोजन है।

दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य के मेजबानी से हटने के बाद स्कॉटलैंड के ग्लास्गो ने कम समय में खेलों की मेजबानी स्वीकार की। बजट और आयोजन संबंधी सीमाओं को देखते हुए आयोजकों ने खेलों की संख्या में बड़ी कटौती कर दी।

सिर्फ 10 खेलों तक सीमित हुआ आयोजन

बर्मिंघम 2022 में 19 खेल आयोजित हुए थे, जबकि ग्लास्गो 2026 में इन्हें घटाकर 10 खेल कर दिया गया है। इसी कारण क्रिकेट के साथ कई अन्य लोकप्रिय खेल भी कार्यक्रम से बाहर हो गए।

क्रिकेट के साथ कौन-कौन से खेल हुए बाहर?

इस बार क्रिकेट के अलावा कई बड़े खेल भी शामिल नहीं हैं, जैसे—

  • हॉकी
  • बैडमिंटन
  • कुश्ती
  • टेबल टेनिस
  • स्क्वैश
  • रग्बी सेवन्स
  • बीच वॉलीबॉल
  • ट्रायथलॉन
  • डाइविंग

इन खेलों के बाहर होने से भारत जैसे देशों की पदक संभावनाओं पर भी असर पड़ा है।

क्या भविष्य में क्रिकेट की वापसी होगी?

कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट अनिवार्य (Core) खेल नहीं, बल्कि वैकल्पिक (Optional) खेल है। इसलिए मेजबान शहर और आयोजन समिति परिस्थितियों के अनुसार इसे शामिल या बाहर कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य के मेजबान शहर के पास पर्याप्त बजट और सुविधाएं हों, तो क्रिकेट फिर से कॉमनवेल्थ गेम्स का हिस्सा बन सकता है।

भारत पर क्या पड़ेगा असर?

क्रिकेट के बाहर होने से भारत का एक संभावित पदक अवसर कम हो गया है। हालांकि इस बार भारत की सबसे बड़ी उम्मीदें एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग, मुक्केबाजी और लॉन बॉल्स जैसे खेलों से हैं। कुल मिलाकर, क्रिकेट की गैरमौजूदगी ग्लास्गो 2026 की सबसे चर्चित बातों में से एक है, खासकर इसलिए क्योंकि भारत ने पिछले संस्करण में इसी खेल में रजत पदक जीता था।

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