Body Mass Index: आपका BMI भी तो नहीं बजा रहा खतरे की घंटी? जानिए कब हो जाना चाहिए अलर्ट


 क्या आपका वजन आपकी लंबाई के हिसाब से सही है? इसका सबसे आसान तरीका बॉडी मास इंडेक्स (BMI) है। BMI एक ऐसा पैमाना है, जिससे यह अंदाजा लगाया जाता है कि किसी व्यक्ति का वजन उसकी लंबाई के अनुसार सामान्य है, कम है या अधिक। हालांकि यह शरीर में फैट की सटीक मात्रा नहीं बताता, लेकिन मोटापे और उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों का शुरुआती संकेत जरूर देता है।

BMI क्या होता है?

BMI (Body Mass Index) निकालने के लिए व्यक्ति के वजन (किलोग्राम) को लंबाई (मीटर) के वर्ग से भाग दिया जाता है। इसके आधार पर डॉक्टर यह समझने की कोशिश करते हैं कि व्यक्ति स्वस्थ वजन की श्रेणी में है या नहीं।

BMI कितना होना चाहिए?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार:

  • 18.5 से कम – कम वजन (Underweight)
  • 18.5 से 24.9 – सामान्य वजन (Healthy Weight)
  • 25 से 29.9 – अधिक वजन (Overweight)
  • 30 या उससे अधिक – मोटापा (Obesity)

कब हो जाना चाहिए अलर्ट?

यदि आपका BMI 25 या उससे अधिक है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। अधिक वजन और मोटापा कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं, जैसे:

  • टाइप-2 डायबिटीज
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हृदय रोग
  • फैटी लिवर
  • स्लीप एपनिया
  • जोड़ों में दर्द
  • कुछ प्रकार के कैंसर का बढ़ा हुआ जोखिम

वहीं, यदि BMI 18.5 से कम है, तो यह कुपोषण, विटामिन की कमी, कमजोर प्रतिरक्षा और हड्डियों के कमजोर होने का संकेत हो सकता है।

क्या सिर्फ BMI पर भरोसा करना सही है?

विशेषज्ञों के अनुसार, BMI एक उपयोगी स्क्रीनिंग टूल है, लेकिन यह अकेले स्वास्थ्य का पूरा चित्र नहीं बताता। जिन लोगों की मांसपेशियां अधिक होती हैं, जैसे खिलाड़ी या बॉडीबिल्डर, उनका BMI अधिक हो सकता है, जबकि उनके शरीर में फैट कम होता है। इसलिए कमर का घेरा, शरीर में फैट प्रतिशत, खान-पान, शारीरिक गतिविधि और मेडिकल इतिहास को भी ध्यान में रखा जाता है।

स्वस्थ BMI बनाए रखने के लिए क्या करें?

  • संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
  • रोज कम से कम 30–45 मिनट व्यायाम करें।
  • जंक फूड और मीठे पेय का सेवन सीमित करें।
  • पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रित रखें।
  • समय-समय पर वजन और स्वास्थ्य जांच कराते रहें।

यदि आपका BMI सामान्य सीमा से बाहर है या तेजी से वजन बढ़ या घट रहा है, तो डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है। सही समय पर जीवनशैली में बदलाव करके कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।

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