मूसलाधार बारिश से मुंबई बेहाल, डब्बावालों की सेवा आज बंद; मुंबई-पुणे हाईवे पर भी यातायात प्रभावित


 मुंबई और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सोमवार (6 जुलाई) को शहर में तेज बारिश और जलभराव के कारण कई सेवाएं प्रभावित रहीं। इसी बीच मुंबई की पहचान माने जाने वाले प्रसिद्ध डब्बावालों ने सुरक्षा कारणों से अपनी सेवाएं एक दिन के लिए बंद रखने का फैसला किया है। वर्षों से हर परिस्थिति में समय पर टिफिन पहुंचाने वाले डब्बावालों का यह फैसला शहर में बने गंभीर हालात को दर्शाता है।

मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन के अनुसार, लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, कई इलाकों में जलभराव और लोकल परिवहन पर पड़ रहे असर को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। संगठन का कहना है कि डब्बावालों और ग्राहकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए मौसम सामान्य होने तक टिफिन वितरण सेवा स्थगित रहेगी। इस फैसले की जानकारी ग्राहकों को पहले ही दे दी गई है ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

भारी बारिश का असर केवल मुंबई शहर तक ही सीमित नहीं है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई-पुणे हाईवे पर भी यातायात गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर जलभराव, भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने की घटनाओं के कारण वाहनों की आवाजाही धीमी पड़ गई है। प्रशासन ने कुछ संवेदनशील हिस्सों में एहतियात के तौर पर यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया, जबकि कई जगह वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

लगातार बारिश के चलते शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे लोगों को दफ्तर और अन्य जरूरी कामों के लिए आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोकल ट्रेन सेवाएं कुछ मार्गों पर धीमी गति से संचालित हो रही हैं, जबकि कई बस मार्गों पर भी देरी दर्ज की गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन दल, पुलिस और नगर निगम की टीमों को अलर्ट पर रखा है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। राहत एवं बचाव दल लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

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